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महिला आरक्षण बिल को बिना शर्त लागू करने की मांग, हल्द्वानी में ऐपवा की बैठक

| July 12, 2026 | 5 hours ago | 1 min read

हल्द्वानी | I7 News

हल्द्वानी के बागजाला क्षेत्र में रविवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में संसद के आगामी मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण बिल को बिना किसी शर्त के तत्काल लागू करने की मांग उठाई गई। साथ ही महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का विरोध करते हुए सरकार से 2029 के लोकसभा चुनाव तथा उससे पहले होने वाले विधानसभा चुनावों में इसे लागू करने की मांग की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए ऐपवा की राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड श्वेता राज ने कहा कि एक ओर बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटने के मामले सामने आए हैं, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने में देरी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि महिला संगठनों की मांग है कि बिना किसी अतिरिक्त शर्त के इसी मॉनसून सत्र में महिला आरक्षण लागू किया जाए।

ऐपवा की उत्तराखंड संयोजक डॉ. शिवानी पाण्डेय ने कहा कि महिलाओं को पर्याप्त राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए आरक्षण जल्द लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड में परिसीमन जनसंख्या के बजाय क्षेत्रफल के आधार पर किए जाने की भी मांग उठाई। उनका कहना था कि ऐसा नहीं होने पर पहाड़ी क्षेत्रों की समस्याओं को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाएगा।

बैठक में भाकपा (माले) के जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पीड़िता को अब तक पूर्ण न्याय नहीं मिला है। उन्होंने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

किसान महासभा बागजाला की अध्यक्ष डॉ. उर्मिला रैस्वाल ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं और दलितों के खिलाफ बढ़ती हिंसा चिंता का विषय है और इसके खिलाफ व्यापक जनएकजुटता की जरूरत है।

बैठक में घोषणा की गई कि ऐपवा के आह्वान पर 20 और 21 जुलाई को महिला आरक्षण बिल को बिना शर्त लागू करने की मांग को लेकर देशभर में प्रदर्शन किए जाएंगे।

बैठक में श्वेता राज, डॉ. शिवानी पाण्डेय, डॉ. उर्मिला रैस्वाल, विमला देवी, मीना भट्ट, हेमा आर्य, रेशमा, विमला पाण्डे, देवकी, शोभा, तुलसी, चंपा देवी, सुनीता, हीरा देवी, हेमा देवी, पार्वती देवी, डॉ. कैलाश पाण्डेय, प्रेम सिंह नयाल, दौलत सिंह सहित कई महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

I7 News Note: यह समाचार बैठक में वक्ताओं द्वारा दिए गए बयानों और जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।

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