Tuesday, September 22, 2026 | Loading...
BREAKING NEWS
नैनीताल में मौसमी फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, CMO ने अस्पतालों को दिए तैयार रहने के निर्देशराजपुरा में बढ़ते नशे के कारोबार पर विधायक सुमित हृदयेश ने जताया आक्रोशSIR प्रक्रिया को लेकर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने ADM को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांगकालाढूंगी में खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण, तीन खाद्य नमूने जांच के लिए भेजेहल्द्वानी में नए सियासी समीकरणों की आहट? दीपक बल्यूटिया से लगातार मुलाकातों ने बढ़ाई हलचलनैनीताल में मौसमी फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, CMO ने अस्पतालों को दिए तैयार रहने के निर्देशराजपुरा में बढ़ते नशे के कारोबार पर विधायक सुमित हृदयेश ने जताया आक्रोशSIR प्रक्रिया को लेकर भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने ADM को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांगकालाढूंगी में खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण, तीन खाद्य नमूने जांच के लिए भेजेहल्द्वानी में नए सियासी समीकरणों की आहट? दीपक बल्यूटिया से लगातार मुलाकातों ने बढ़ाई हलचल

हल्द्वानी में अवैध निर्माण का खेल! प्रशासन पर उठे बड़े सवाल ?

| April 29, 2026 | 5 months ago | 0 min read

हल्द्वानी शहर एक बार फिर सुर्खियों में है—लेकिन इस बार विकास नहीं, बल्कि कथित अवैध निर्माण और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर। शनि बाजार रोड से लेकर सुभाष नगर तक इन दिनों जो तस्वीर सामने आ रही है, उसने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

बताया जा रहा है कि हाल ही में नाला चौड़ीकरण अभियान के तहत प्रशासन ने कई मकान मालिकों को नोटिस जारी किए थे। खासकर नजूल भूमि पर बने मकानों को 1 से 2 मीटर पीछे करने के निर्देश दिए गए थे। नियमों का पालन करते हुए कई लोगों ने अपने 2 से 3 मंजिला मकानों को पीछे भी किया—लेकिन अब सवाल ये उठ रहा है कि क्या सभी पर एक जैसा कानून लागू हो रहा है?

“कुछ को छूट, कुछ पर सख्ती?”
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से खाली प्लॉट पर नए निर्माण शुरू कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि शिकायत के बावजूद प्राधिकरण की ओर से सिर्फ औपचारिक कार्रवाई की गई—कुछ मकानों पर सील का पीला टेप लगाया गया, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है।

 /></div>




<figure class=

लोगों में गुस्सा, उठी बड़ी चेतावनी
इस दोहरे रवैये से नाराज़ लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कुमाऊं कमिश्नर का दरवाजा खटखटाएंगे। साथ ही जिन अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप हैं, उनके खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल
यह पहला मौका नहीं है जब प्राधिकरण पर सवाल उठे हों। इससे पहले भी पूर्व मेयर गजराज बिष्ट प्राधिकरण की कार्यशैली पर खुलकर सवाल उठा चुके हैं।

👉 अब बड़ा सवाल यही है—
क्या हल्द्वानी में कानून सबके लिए बराबर है, या फिर कुछ लोगों को विशेष संरक्षण मिल रहा है?
क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कदम उठाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?

📢 जनता जवाब चाहती है!

Link copied to clipboard!