भीमताल की बदहाल सड़कों पर फूटा जनता का गुस्सा, हरीश पनेरू ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
हल्द्वानी/भीमताल। उत्तराखंड में सड़क व्यवस्था को लेकर एक बार फिर जनआक्रोश देखने को मिला। भीमताल क्षेत्र की जर्जर सड़कों और वर्षों से लंबित सड़क परियोजनाओं के खिलाफ प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू के नेतृत्व में ग्रामीणों ने हल्द्वानी स्थित सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) कार्यालय में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जल्द कार्रवाई की मांग उठाई गई।

धरने को संबोधित करते हुए हरीश पनेरू ने कहा कि भीमताल क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण सड़कें बदहाल स्थिति में हैं, जिससे ग्रामीणों, छात्रों, किसानों और आम लोगों को रोज भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार घोषणाएं तो कर रही है, लेकिन धरातल पर काम नजर नहीं आ रहा।


उन्होंने विशेष रूप से सजानी-बड़ोन मोटर मार्ग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल होने के बावजूद सड़क अब तक स्वीकृत नहीं हो पाई है। इसके अलावा डालकनिया-भोलापुर मोटर मार्ग, करायल-टकुरा-जमराड़ी मोटर मार्ग, भीमताल-भालूगाड़ मोटर मार्ग और पदमपुरी-चाफी मोटर मार्ग की खराब हालत पर भी गंभीर चिंता जताई गई।
हरीश पनेरू ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सड़कों को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
धरना-प्रदर्शन में सुशील भट्ट, मेहुल शाह, ललित चिलवाल, प्रकाश आर्या, महेंद्र धोपाल, बसंत पनेरू, राम सिंह चिलवाल, गोकुल मेलकानी, प्रबल धरमवाल, हर्ष शर्मा, मयंक बचखेती, बालम चिलवाल, नरेंद्र पनेरू, कैलाश विष्ट, खिमेश पनेरू, केशव बिष्ट और हिमांशु पलड़िया सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
