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नीट विवाद पर सीजेपी की बड़ी मांग, आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ मुआवज़ा देने की अपील

| June 19, 2026 | 2 months ago | 1 min read

I7 News

नीट पेपर लीक विवाद: आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ मुआवज़ा देने की मांग, पीएम मोदी को लिखा ओपन लेटर

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक ने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा देने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री को एक ओपन लेटर लिखकर तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।

अभिजीत दीपके ने यह पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए कहा कि नीट पेपर लीक और परीक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता ने छात्रों पर गंभीर मानसिक दबाव डाला है। उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ सप्ताहों में 11 छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें से पांच मामलों की खबर पिछले 48 घंटों के भीतर सामने आई है।

अपने पत्र में दीपके ने लिखा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और दोबारा परीक्षा कराए जाने की चर्चाओं ने छात्रों की मानसिक परेशानी को और बढ़ा दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को इस संकट के कारण खोया है, उन्हें एक-एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाए।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पिछले एक महीने से केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है और इस मुद्दे को लेकर देशभर में प्रदर्शन भी किए जा रहे हैं। दीपके के अनुसार छात्रों और अभिभावकों की मुख्य मांग है कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारी तय की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

ओपन लेटर में उन्होंने प्रधानमंत्री से शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। उनका कहना है कि लगातार बढ़ते शैक्षणिक दबाव और परीक्षा प्रणाली में खामियों के कारण छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है, जिसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है।

अभिजीत दीपके ने बताया कि 20 जून को दिल्ली में इस मुद्दे को लेकर बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के छात्र और युवा जंतर-मंतर पर एकत्र होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। प्रदर्शन के दौरान परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और छात्रों के हितों की रक्षा से जुड़ी मांगें उठाई जाएंगी।

नीट पेपर लीक विवाद पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं को लेकर उठ रही चिंताओं ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया और आगे उठाए जाने वाले कदमों पर टिकी हुई है।

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