सुल्ताननगरी में अखिल भारतीय किसान महासभा का इकाई सम्मेलन मालिकाना हक के लिए बड़े आंदोलन का ऐलान
I7 News
हल्द्वानी। गौलापार के सुल्ताननगरी गांव में अखिल भारतीय किसान महासभा की सुल्ताननगरी इकाई का सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में गांव की किसान कमेटी का गठन करने के साथ ही वन भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना अधिकार, राजस्व गांव का दर्जा और पंचायत चुनाव में भागीदारी समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया गया।
भाजपा सरकार पर किसान विरोधी नीतियों का आरोप
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने भाजपा सरकार पर नागरिकों के अधिकार सीमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां कृषि और पशुपालन पर निर्भर किसानों व पशुपालकों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने वन भूमि पर बसे लोगों को मालिकाना अधिकार दिलाने के लिए मेहनतकश लोगों से एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।

लालकुआं विधायक पर डॉ. कैलाश पाण्डेय ने साधा निशाना
भाकपा माले नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने लालकुआं विधायक पर क्षेत्र की समस्याओं को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में सड़कों की स्थिति खराब है और गौला नदी के किनारे पक्के तटबंधों का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सुल्ताननगरी से बागजाला तक वन भूमि पर बसे कई गांव राजस्व गांव बनने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन इस दिशा में अपेक्षित काम नहीं हुआ है।

सात प्रस्ताव किए गए पारित
सम्मेलन में सात प्रमुख प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें सुल्ताननगरी सहित वन क्षेत्रों में बसे गांवों को भूमिधरी अधिकार देने की प्रक्रिया में शामिल करने, विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निर्वनीकरण का प्रस्ताव पारित करने और राजस्व गांव बनाने का मार्ग प्रशस्त करने की मांग प्रमुख रही।
इसके अलावा पूर्व में पंचायत चुनाव में शामिल रहे वन क्षेत्रों के गांवों को दोबारा पंचायत चुनाव में शामिल करने और ग्रामीणों के नाम मतदाता सूची में दर्ज कर उन्हें लोकतांत्रिक अधिकार दिलाने की मांग की गई।
सड़क, बिजली और पानी की समस्याओं के समाधान की मांग
सुल्ताननगरी में जल जीवन मिशन के तहत खोदी गई सड़कों और गांव के भीतर क्षतिग्रस्त रास्तों की जल्द मरम्मत कराने की मांग भी सम्मेलन में उठाई गई। किसान महासभा ने क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
भूमि अधिकार सम्मेलन और आंदोलन का ऐलान
सम्मेलन में अतिक्रमण के नाम पर वन एवं सरकारी भूमि पर दशकों से रह रहे लोगों को उजाड़े जाने की कार्रवाई का विरोध करने का निर्णय लिया गया। किसान महासभा ने अन्य जनसंगठनों और किसान संगठनों के साथ मिलकर मोर्चा बनाने तथा जल्द भूमि अधिकार सम्मेलन आयोजित करने की बात कही। मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन जनआंदोलन शुरू करने का भी संकल्प लिया गया।
17 सदस्यीय परिषद का गठन, नई कार्यकारिणी चुनी गई
सम्मेलन में 17 सदस्यीय परिषद का चुनाव किया गया। परिषद ने सात सदस्यीय कार्यकारिणी का चयन किया। इसमें बचे सिंह कपकोटी को अध्यक्ष, नायब सूबेदार बाली राम को उपाध्यक्ष, उर्मिला मौर्य को सचिव, मीना आर्य को कोषाध्यक्ष, उत्तम राम को संगठन मंत्री और दीवान राम को प्रचार मंत्री चुना गया।
संयुक्त संघर्ष तेज करने का आह्वान
सम्मेलन में बड़ी संख्या में किसान, मजदूर और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। पर्यवेक्षक के रूप में किसान महासभा बागजाला कमेटी के प्रेम सिंह नयाल, दौलत सिंह कुंजवाल और दीवान सिंह बरगली उपस्थित रहे।
सम्मेलन के समापन पर नवनिर्वाचित अध्यक्ष बचे सिंह कपकोटी ने सभी का आभार व्यक्त किया और मालिकाना अधिकार, राजस्व गांव का दर्जा तथा मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर संयुक्त संघर्ष तेज करने का आह्वान किया।
