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“सिख समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पर बवाल, हल्द्वानी कोतवाली में दी तहरीर, कड़ी कार्रवाई की मांग”

| June 19, 2026 | 3 months ago | 0 min read

सोशल मीडिया पर सिख समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप, हल्द्वानी कोतवाली में दी तहरीर

निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील

हल्द्वानी, 19 जून 2026। सोशल मीडिया पर सिख समुदाय के खिलाफ कथित रूप से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर हल्द्वानी में सिख समाज के प्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। शुक्रवार को समाज के कई प्रतिनिधि और युवा कोतवाली हल्द्वानी पहुंचे तथा पुलिस को एक लिखित तहरीर सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

सिख समाज के प्रतिनिधियों का आरोप है कि अनिल मैखुरी नामक युवक द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में सिख समुदाय के प्रति अपमानजनक और विवादास्पद भाषा का प्रयोग किया गया। वीडियो सामने आने के बाद समुदाय के लोगों में नाराजगी और आक्रोश व्याप्त हो गया। इसके बाद सिख समाज के युवाओं और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

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<p class=कोतवाली में दी गई तहरीर पर गुरप्रीत सिंह प्रिन्स, परमजीत सिंह पम्मा, मनप्रीत सेठी, इंदरपाल सिंह, बनप्रीत नागपाल, बलवीर सिंह, गुरजीत कोहली, इंदरजीत सिंह, अमनपाल पिंडी, जसप्रीत चड्ढा, हरप्रीत नागपाल, पवन नागपाल, गुरविंदर भसीन, तरनप्रीत बिंद्रा, बलविंदर धवन, जसमीत छाबड़ा समेत कई प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं।

प्रतिनिधियों ने कहा कि सिख समाज हमेशा से देश की एकता, अखंडता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का समर्थक रहा है। किसी भी धर्म या समुदाय के खिलाफ अपमानजनक भाषा और भड़काऊ सामग्री सामाजिक शांति को प्रभावित कर सकती है। ऐसे मामलों में समय रहते कार्रवाई होना बेहद आवश्यक है ताकि समाज में सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहे।

सिख समाज के सदस्यों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि किसी भी धर्म विशेष के खिलाफ घृणा फैलाने या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

इस दौरान समाज के युवाओं ने सोशल मीडिया पर बढ़ती भ्रामक और भड़काऊ सामग्री को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी वीडियो, पोस्ट या संदेश को बिना सत्यापन के साझा न करें। युवाओं का कहना था कि सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करना समय की आवश्यकता है और इससे समाज में अनावश्यक तनाव पैदा होने से रोका जा सकता है।

घटना को लेकर शहर के कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने भी चिंता व्यक्त की है। विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि धार्मिक और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी समुदायों के बीच संवाद को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कुछ संगठनों ने प्रशासन से शांति समिति की बैठक आयोजित करने का सुझाव भी दिया है ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।

पुलिस अधिकारियों ने तहरीर प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले का परीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस मामले में एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी।

सिख समाज के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ प्रतिशोध की भावना नहीं है, बल्कि कानून के दायरे में रहकर अपनी धार्मिक भावनाओं की रक्षा करना और समाज में शांति एवं भाईचारे का वातावरण बनाए रखना है। उन्होंने प्रशासन से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ और आपत्तिजनक सामग्री की निगरानी बढ़ाने की भी मांग की ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

(नोट: समाचार में उल्लिखित आरोप तहरीर में लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।)

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