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वार्ड-9 पार्षद का निर्वाचन निरस्त, अब सील दुकानों और चल रही जांच पर भी टिकीं निगाहें ?

| June 20, 2026 | 3 months ago | 1 min read

हल्द्वानी। नगर निगम हल्द्वानी के तल्ली बमौरी वार्ड नंबर-9 से निर्वाचित पार्षद राजेंद्र सिंह जीना का निर्वाचन न्यायालय द्वारा निरस्त किए जाने के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की अदालत ने निर्वाचन रद्द करते हुए सीट को रिक्त घोषित कर दिया है तथा तीन माह के भीतर उपचुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने अपने आदेश में नामांकन पत्र के साथ आपराधिक मामलों की जानकारी प्रस्तुत न किए जाने को गंभीर मानते हुए इसे भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में माना है। साथ ही आगामी उपचुनाव में संबंधित प्रत्याशी को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होगी।

इस बीच क्षेत्र में पहले से कथित तौर पर चर्चा में रहे कुछ अन्य मामलों को लेकर भी लोगों की नजरें प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई हैं। जानकारी के अनुसार, सरकारी भूमि से जुड़े एक मामले में संबंधित क्षेत्र की कुछ दुकानों को विकास प्राधिकरण द्वारा सील किया गया है और मामले की जांच जारी है। हालांकि जांच प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है और किसी भी पक्ष की जिम्मेदारी या भूमिका को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

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<p class=स्थानीय नागरिकों का कहना है कि न्यायालय के फैसले के बाद सार्वजनिक हित से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि वार्ड-9 का उपचुनाव अब केवल एक चुनावी मुकाबला नहीं रहेगा, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास का भी महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें आगामी उपचुनाव और चल रही जांचों के परिणाम पर टिकी हुई हैं।

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