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“बागजाला में वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, विकास कार्यों की मंजूरी और मरम्मत की अनुमति की मांग”

| June 20, 2026 | 1 day ago | 1 min read

I7 News

बागजाला के ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ खोला मोर्चा, किसान महासभा ने दी आंदोलन की चेतावनी

हल्द्वानी, 20 जून। बागजाला गांव में ग्रामीणों को मरम्मत कार्यों से रोके जाने और विकास योजनाओं को स्वीकृति न मिलने के विरोध में अखिल भारतीय किसान महासभा ने शुक्रवार को तराई पूर्वी वन प्रभाग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने एसडीओ से वार्ता कर अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारी पिछले कई दिनों से गांव के लोगों को घरों की मरम्मत करने से रोक रहे हैं तथा उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से गांव में रह रहे हैं और अधिकांश परिवार कच्चे मकानों, झोपड़ियों या टिन शेड में निवास करते हैं। बरसात से पहले मकानों की मरम्मत उनके लिए आवश्यक है।

किसान महासभा के नेताओं ने बताया कि 24 नवंबर 2025 को जिला प्रशासन के साथ हुए समझौते तथा 6 अप्रैल 2026 को डीएफओ कार्यालय में हुई वार्ता में भी ग्रामीणों को मरम्मत कार्य करने से न रोकने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से मरम्मत कार्यों में बाधा डाली जा रही है।

भाकपा (माले) के जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने कहा कि वन विभाग को ग्रामीणों को परेशान करना बंद कर गांव के विकास कार्यों में सहयोग करना चाहिए। वहीं किसान महासभा बागजाला की अध्यक्ष डॉ. उर्मिला रैस्वाल ने कहा कि जल जीवन मिशन की पेयजल योजना और सड़कों की मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण कार्य वन विभाग की अनुमति के अभाव में अटके हुए हैं।

पूर्व प्रधानाचार्य प्रेम सिंह नयाल ने कहा कि बजट स्वीकृत होने के बावजूद विकास कार्य लंबित रहने से ग्रामीणों को पेयजल और बेहतर सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें

  • ग्रामीणों को मकानों की मरम्मत करने से न रोका जाए।
  • जल जीवन मिशन की पेयजल योजना को तत्काल स्वीकृति दी जाए।
  • गांव की सड़कों की मरम्मत कार्यों को अनुमति प्रदान की जाए।
  • बरसाती नहर किनारे पक्के रास्ते और नहर मरम्मत का कार्य कराया जाए।
  • गांव में स्ट्रीट लाइट/सोलर लाइट लगाने का पूर्व वादा पूरा किया जाए।
  • बागजाला के ग्रामीणों को जारी सभी पुराने नोटिस वापस लिए जाएं।

किसान महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो बागजाला के ग्रामीण संगठन के नेतृत्व में पुनः अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।

प्रदर्शन में डॉ. कैलाश पाण्डेय, डॉ. उर्मिला रैस्वाल, प्रेम सिंह नयाल, विमला देवी, दीवान सिंह बर्गली, मीना भट्ट, रेशमा, मुस्लिमा, सुलेमान मलिक, हेमा आर्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।


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