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महिला रामलीला में मेघनाद और कुंभकर्ण वध का मंचन, दर्शकों से गुलजार हुआ शीशमहल मैदान

| April 8, 2026 | 2 months ago | 1 min read

हल्द्वानी (8 अप्रैल, 2026): शीशमहल स्थित रामलीला मैदान में एसआरआई (SRI) संस्था द्वारा आयोजित महिला रामलीला के दसवें दिन का मंचन बेहद रोमांचक और भक्तिमय रहा। बुधवार की शाम को मुख्य अतिथि राज्य दर्जा मंत्री शंकर कोरंगा, देवकी नंदन भट्ट, गिरीश तिवारी, मनोज तिवारी, दिनेश फुलारा और सुरेश तिवारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

संजीवनी से लक्ष्मण को मिला जीवनदान, रामदल में दौड़ी खुशी की लहर

लीला की शुरुआत में लक्ष्मण को संजीवनी बूटी पिलाए जाने के बाद उनके होश में आने का दृश्य दिखाया गया। लक्ष्मण के स्वस्थ होते ही रामदल में नया उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। इसके तुरंत बाद भीषण युद्ध की घोषणा हुई और मेघनाद को चुनौती दी गई।

मेघनाद व कुंभकर्ण का अंत, सती हुई सुलोचना

डायरेक्टर मुकेश कुमार जोशी के निर्देशन में कलाकारों ने युद्ध का सजीव चित्रण किया। लक्ष्मण और मेघनाद के बीच हुए रोमांचकारी युद्ध में अंततः लक्ष्मण के बाण से मेघनाद वीरगति को प्राप्त हुआ। पति की मृत्यु की सूचना मिलते ही सुलोचना के सती होने के दृश्य ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं।
इसके पश्चात, शोकाकुल रावण ने अपने विशालकाय भाई कुंभकर्ण को निद्रा से जगाकर युद्ध के लिए भेजा। मैदान में भगवान श्री राम और कुंभकर्ण के बीच महासंग्राम हुआ, जिसमें राम के बाणों ने कुंभकर्ण का अंत कर दिया। कुंभकर्ण के वध के साथ ही लंका में मातम छा गया।

महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल

संस्थाध्यक्ष तनुजा जोशी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि:

“महिलाओं की यह रामलीला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का साक्षात उदाहरण है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और हमारी नई पीढ़ी को रामायण के आदर्शों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।”

इन कलाकारों ने अपनी कला से बांधा समां

  • श्री राम: मानसी रावत
  • लक्ष्मण: अंशिका जीना
  • हनुमान: तनुजा जोशी
  • रावण: दीपा कोश्यारी
  • मेघनाद: मंजू बिष्ट
  • कुंभकर्ण: जानकी पांडे
  • पंडित: गीता उप्रेती
  • मंच संचालन: रिम्पी बिष्ट
    इस भव्य आयोजन में पुरुष रामलीला कमेटी के प्रबंधक विक्रम डंगवाल, संगीत निर्देशक मोहन चन्द्र जोशी, तबलावादक कुश पांडे समेत भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। पूरा मैदान “जय श्री राम” और “जय हनुमान” के जयकारों से गूंज उठा।

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