हल्द्वानी के सरकारी अस्पतालों से विशेषज्ञ डॉक्टरों के तबादलों पर सियासत तेज, विधायक सुमित हृदयेश ने जताई चिंता

हल्द्वानी, 3 जुलाई 2026। कुमाऊं के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र हल्द्वानी के प्रमुख सरकारी चिकित्सालयों से बड़ी संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टरों के तबादलों का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी नैनीताल के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को ज्ञापन भेजकर तबादलों की समीक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने की मांग की है।


विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि हल्द्वानी केवल नैनीताल जनपद का ही नहीं, बल्कि पूरे कुमाऊं मंडल का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। यहां स्थित डॉ. सुशीला तिवारी चिकित्सालय, डॉ. सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय और महिला चिकित्सालय पर कुमाऊं के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के लाखों लोगों की स्वास्थ्य सेवाएं निर्भर हैं।


उन्होंने बताया कि प्रतिदिन नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर समेत कई जनपदों से बड़ी संख्या में मरीज बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर हल्द्वानी पहुंचते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सकों के बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
ज्ञापन के अनुसार हाल ही में डॉ. सुशीला तिवारी चिकित्सालय से 16, डॉ. सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय से 8 और महिला चिकित्सालय से 8 विशेषज्ञ चिकित्सकों का स्थानांतरण किया गया है। इन तबादलों में सर्जरी, मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, एनेस्थीसिया, माइक्रोबायोलॉजी, कैजुअल्टी और इमरजेंसी जैसे महत्वपूर्ण विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हैं।
विधायक ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का सबसे अधिक असर आम मरीजों पर पड़ेगा। विशेषकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को समय पर उपचार, ऑपरेशन और अन्य आवश्यक चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ सकता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार से जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन तबादलों की पुनः समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही कहा कि यदि प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरण आवश्यक हों तो संबंधित चिकित्सकों के स्थान पर समान विशेषज्ञता वाले डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि कुमाऊं मंडल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी नैनीताल के अध्यक्ष राहुल छीमवाल, महानगर कांग्रेस कमेटी हल्द्वानी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह बिष्ट, हल्द्वानी महानगर महिला कांग्रेस की अध्यक्ष मधू सांगुड़ी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इस मुद्दे ने अब क्षेत्र में नई बहस को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में प्रदेश सरकार इस मामले में क्या निर्णय लेती है, इस पर पूरे कुमाऊं की निगाहें टिकी हुई हैं।
