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दमुवाढूंगा में निर्माण पर रोक के बावजूद कथित निर्माण, प्राधिकरण की मॉनिटरिंग पर उठे सवाल

| August 17, 2026 | 7 hours ago | 1 min read

हल्द्वानी। दमुवाढूंगा क्षेत्र में निर्माण कार्यों को लेकर एक बार फिर जिला विकास प्राधिकरण की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सामने आई तस्वीर में दमुवाढूंगा के शिवपुरी क्षेत्र में एक निर्माणाधीन भवन दिखाई दे रहा है। तस्वीर पर दर्ज GPS जानकारी के मुताबिक यह स्थान दमुवाढूंगा, हल्द्वानी का बताया गया है और फोटो 31 जुलाई 2026 की रात करीब 11:37 बजे की है।

मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दमुवाढूंगा क्षेत्र में निर्माण को लेकर प्रशासन पहले भी सख्त रुख अपना चुका है। अगस्त 2025 में प्रशासन द्वारा नए निर्माण, अतिक्रमण, भूमि की खरीद-फरोख्त और सीमांकन में बदलाव पर रोक लगाए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।

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इसके अलावा प्राधिकरण की ओर से दमुवाढूंगा में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण के खिलाफ पूर्व में कार्रवाई भी की जा चुकी है। अगस्त 2024 में हल्दीखाल क्षेत्र में बिना स्वीकृत नक्शे के बन रही चार दुकानों को सील किया गया था और प्राधिकरण की ओर से कार्रवाई की गई थी।

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<p class=ऐसे में सवाल यह है कि यदि वर्तमान में भी संबंधित क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबंध अथवा अनुमति संबंधी पाबंदियां प्रभावी हैं, तो तस्वीर में दिखाई दे रहा निर्माण किस अनुमति या स्वीकृति के आधार पर किया जा रहा है?

1 अगस्त को दी गई सूचना पर भी सवाल

बताया जा रहा है कि इस कथित निर्माण की सूचना 1 अगस्त को संबंधित जेई को दी गई थी। इसके बावजूद निर्माण स्थल पर कार्रवाई हुई या नहीं, यह अब बड़ा सवाल है। बताया गया है कि संबंधित जेई की ओर से लिखित शिकायत मांगी गई। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि यदि विभाग को मौके पर निर्माण की सूचना दी गई थी, तो क्या विभागीय स्तर पर स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण की वैधता की जांच की गई?

यदि लिखित शिकायत के बाद ही कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़नी है, तो मौके पर निगरानी और विभागीय निरीक्षण की व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है।

दमुवाढूंगा में क्या नियम लागू हैं?

दमुवाढूंगा में निर्माण का मामला सामान्य भवन निर्माण की अनुमति से आगे भूमि की प्रकृति और लागू प्रतिबंधों से भी जुड़ा हुआ है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार क्षेत्र में सरकारी भूमि और नाले की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन पहले कार्रवाई कर चुका है।

प्राधिकरण से जवाब की जरूरत

अब जरूरत इस बात की है कि जिला विकास प्राधिकरण स्पष्ट करे कि शिवपुरी, दमुवाढूंगा में तस्वीर में दिखाई दे रहे निर्माण के संबंध में क्या कोई मानचित्र स्वीकृत है? यदि स्वीकृति नहीं है तो सूचना मिलने के बाद क्या स्थलीय निरीक्षण किया गया? और यदि निर्माण नियमविरुद्ध पाया जाता है तो क्या कार्रवाई की गई?

यह मामला किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने का नहीं, बल्कि निर्माण पर लागू नियमों के पालन और प्राधिकरण की मॉनिटरिंग व्यवस्था की पारदर्शिता का है। संबंधित निर्माणकर्ता और प्राधिकरण का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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