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SIR में फॉर्म संख्या-10 पर दर्ज आपत्तियों को लेकर सपा ने उठाए सवाल

| August 14, 2026 | 2 months ago | 1 min read

i7news

हल्द्वानी। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर समाजवादी पार्टी ने नैनीताल जिला निर्वाचन अधिकारी के सामने गंभीर सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी उत्तराखंड के प्रभारी हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी, नैनीताल को पत्र भेजकर फॉर्म संख्या-10 के माध्यम से मतदाताओं के नाम पर दर्ज की जा रही आपत्तियों की जांच और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि SIR के तहत निर्वाचन टीमों द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन किया जा रहा है। इसी दौरान भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध फॉर्म संख्या-10 (आपत्ति प्रपत्र) के माध्यम से कुछ मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

समाजवादी पार्टी का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम पर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, उनमें से कई लोगों का कहना है कि उन्होंने स्वयं अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य ने ऐसी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। पार्टी ने इस स्थिति को लेकर भ्रम और चिंता जताई है।

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<p class=पत्र में आशंका व्यक्त की गई है कि यह स्थिति किसी तकनीकी त्रुटि, गलत प्रविष्टि, पहचान संबंधी विसंगति अथवा किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर या अनजाने में की गई गलत एंट्री के कारण उत्पन्न हो सकती है। पार्टी ने मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।

आपत्तियों की जांच और निरस्तीकरण की मांग

हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने जिला निर्वाचन अधिकारी से मांग की है कि जिन आपत्तियों की पुष्टि संबंधित मतदाता द्वारा नहीं की गई है, उन्हें निर्वाचन आयोग के नियमानुसार निरस्त अथवा आवश्यक सुधार की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही आम जनता को इस संबंध में उचित जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की मांग भी पत्र में की गई है, ताकि मतदाताओं में किसी तरह का भ्रम न रहे और वे अपनी मतदाता सूची में दर्ज विवरण की स्थिति स्पष्ट रूप से जान सकें।

उत्तराखंड में SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सत्यापन और दस्तावेजों को लेकर पहले भी लोगों के बीच कई सवाल सामने आए हैं। निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से नोटिसों और दावों-आपत्तियों के निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है।

समाजवादी पार्टी ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच करेगा और यदि किसी मतदाता के नाम पर उसकी जानकारी या सहमति के बिना आपत्ति दर्ज हुई है तो उसका उचित समाधान कराया जाएगा।

I7 News की नजर अब इस बात पर रहेगी कि जिला निर्वाचन अधिकारी इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं और फॉर्म संख्या-10 से जुड़ी आपत्तियों की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।

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