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हल्द्वानी के मंगल पड़ाव स्थित मीट मार्केट को विस्थापित करने के आदेश

| November 5, 2024 | 2 years ago | 0 min read

उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला

हल्द्वानी। उच्च न्यायालय नैनीताल ने हल्द्वानी के मंगल पड़ाव स्थित मीट मार्केट को चार महीने के भीतर हटाने का आदेश राज्य सरकार और नगर निगम को दिया है। यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ ने मंगलवार को दिया, जिसमें याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नगर निगम से अतिक्रमण हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं।

1960 से व्यापार कर रहे मीट विक्रेता

याचिका में हल्द्वानी निवासी विजय पाल सिंह और अन्य मीट व्यापारियों ने दावा किया कि वे वर्ष 1960 से मंगल पड़ाव में मीट का व्यापार कर रहे हैं। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, नगर निगम ने उन्हें मीट व्यवसाय के लिए लाइसेंस भी जारी किया था। उनका कहना था कि पहले मीट मार्केट चोरगलिया और रामपुर रोड पर स्थित थी, जिसे नगर पालिका संचालित करती थी, लेकिन बाद में नगर निगम बनने पर बाजार को मंगल पड़ाव में शिफ्ट कर दिया गया।

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सरकार और नगर निगम को चार माह की मोहलत

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में सरकार और नगर निगम को बाजार को चार महीने के भीतर विस्थापित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने याचिकाकर्ताओं के विस्थापन के लिए उचित प्रबंध सुनिश्चित करने की भी आवश्यकता जताई है ताकि व्यवसायियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

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<h2 class=विस्थापन के लिए नई व्यवस्था की मांग

अदालत के इस निर्णय के बाद मीट व्यवसायियों में एक असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। व्यापारियों ने मांग की है कि उन्हें स्थायी व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए ताकि वे अपने व्यवसाय को सुचारू रूप से जारी रख सकें। इस विषय पर स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

नगर निगम पर उठे सवाल

मंगल पड़ाव में मीट मार्केट की स्थापना नगर निगम द्वारा ही की गई थी, और इसे व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी भी निगम की ही थी। अदालत के इस आदेश के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि क्यों पहले इस मुद्दे को व्यवस्थित तरीके से हल नहीं किया गया।

जनभावनाओं का मुद्दा

मीट मार्केट के विस्थापन का मुद्दा जनभावनाओं से भी जुड़ा है। कई स्थानीय लोग इस निर्णय का समर्थन करते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि मंगल पड़ाव क्षेत्र में अतिक्रमण और सफाई की समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। वहीं, मीट व्यापारी भी इस बात को समझते हैं कि उन्हें नई जगह पर व्यवस्थित तरीके से व्यवसाय करने का अवसर मिलना चाहिए।

निष्कर्ष

उच्च न्यायालय के इस आदेश ने मंगल पड़ाव स्थित मीट मार्केट के भविष्य को लेकर नई स्थिति उत्पन्न कर दी है। नगर निगम और राज्य सरकार को इस पर त्वरित कार्रवाई करनी होगी ताकि समयसीमा के भीतर विस्थापन कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

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