समर कैंप का रंगारंग समापन: बच्चों की प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता का भव्य उत्सव
हल्द्वानी, 29 मई।
शहर के प्रतिष्ठित बियरशेबा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हल्द्वानी में आयोजित सात दिवसीय समर कैंप का समापन समारोह उत्साह, उमंग और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच संपन्न हुआ। पूरे सप्ताह चली गतिविधियों के बाद समापन समारोह में बच्चों की ऊर्जा और प्रतिभा ने सभी का मन मोह लिया।

विद्यालय परिसर में बच्चों की खिलखिलाहट, रंग-बिरंगी प्रस्तुतियां और रचनात्मक गतिविधियों की झलक हर ओर देखने को मिली। समर कैंप का उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना रहा, जिसमें विद्यालय पूरी तरह सफल नजर आया।


प्रतिभाओं को मिला मंच
कैंप के दौरान बच्चों ने आर्ट एंड क्राफ्ट, फैब्रिक पेंटिंग, ब्लॉक पेंटिंग, चारकोल पेंटिंग, पेपर क्राफ्ट, पोस्टर मेकिंग, वेस्टर्न डांस, पंजाबी डांस, क्लासिकल डांस, स्केटिंग, क्रिकेट, शतरंज, टेबल टेनिस, योग एवं मेडिटेशन, फायरलेस कुकिंग, रोबोटिक्स ट्रेनिंग, पब्लिक स्पीकिंग, स्पोकन इंग्लिश और टैलेंट शो जैसी अनेक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
समापन समारोह में बच्चों ने अपनी कला, खेल और सांस्कृतिक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर अभिभावकों एवं शिक्षकों की खूब तालियां बटोरीं। पंजाबी डांस, क्लासिकल डांस और समूह गीत की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।
मस्ती और मनोरंजन का भी भरपूर इंतजाम
बच्चों के लिए मिकी माउस जंपिंग, मजेदार गेम्स, पॉपकॉर्न, कॉटन कैंडी और बर्फ के गोले की विशेष व्यवस्था की गई। बच्चों ने पूरे दिन जमकर मस्ती की और समर कैंप के हर पल को यादगार बना दिया।
प्रमाण पत्र देकर बढ़ाया उत्साह
समारोह के अंत में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती मीना सती, उपप्रधानाचार्य एच.एस. बब्बर, एडमिनिस्ट्रेटर निशा सिंह, सलाहकार श्रीमती के. दत्त तथा एचओडी श्रीमती अनीता बिष्ट ने सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
प्रधानाचार्या श्रीमती मीना सती ने कहा कि ऐसे समर कैंप बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को निखारने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं।
यादगार रहा सात दिवसीय सफर
कार्यक्रम के सफल संचालन में पीटीआई आनंद बिष्ट, मोहित सोलोमन, ममता बिष्ट, पूजा नेगी, राहुल गुसाईं, चमन अंसारी सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सात दिनों तक चला यह समर कैंप बच्चों के लिए सीखने, मनोरंजन और नई प्रतिभाओं को पहचानने का ऐसा मंच बना, जिसकी यादें लंबे समय तक उनके साथ रहेंगी।
