Monday, August 17, 2026 | Loading...
BREAKING NEWS
हल्द्वानी रामलीला मैदान के ‘शुद्धिकरण’ का मामला नहीं थम रहा, धार्मिक व जातिगत भावनाएं भड़काने का आरोपस्वतंत्रता दिवस पर नगर निगम ने मनाया राष्ट्रप्रेम का पर्व, महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने किया ध्वजारोहणस्वतंत्रता दिवस पर नारी शक्ति और आत्मनिर्भरता का संदेश, सरवती देवी मेमोरियल ट्रस्ट ने मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवसखनस्यूं में तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप, कार्रवाई की मांगसरस मार्केट में Choice Wealthy का कार्यालय बंद मिला, ग्राहकों के लिए संपर्क व्यवस्था पर जानकारी का इंतजारहल्द्वानी रामलीला मैदान के ‘शुद्धिकरण’ का मामला नहीं थम रहा, धार्मिक व जातिगत भावनाएं भड़काने का आरोपस्वतंत्रता दिवस पर नगर निगम ने मनाया राष्ट्रप्रेम का पर्व, महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने किया ध्वजारोहणस्वतंत्रता दिवस पर नारी शक्ति और आत्मनिर्भरता का संदेश, सरवती देवी मेमोरियल ट्रस्ट ने मनाया 80वां स्वतंत्रता दिवसखनस्यूं में तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप, कार्रवाई की मांगसरस मार्केट में Choice Wealthy का कार्यालय बंद मिला, ग्राहकों के लिए संपर्क व्यवस्था पर जानकारी का इंतजार

हल्द्वानी रामलीला मैदान के ‘शुद्धिकरण’ का मामला नहीं थम रहा, धार्मिक व जातिगत भावनाएं भड़काने का आरोप

| August 17, 2026 | 2 hours ago | 1 min read

हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पुलिस तक पहुंच गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित एडिटेड वीडियो को लेकर धार्मिक एवं जातिगत भावनाएं भड़काने के आरोप लगाए गए हैं।

मामले में शिकायतकर्ताओं ने हल्द्वानी कोतवाली पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक विजय मेहता से मुलाकात की और पूरे प्रकरण की जानकारी दी। इस दौरान 15 अगस्त 2026 को अधिवक्ता अंजू की ओर से पुलिस को तहरीर सौंपी गई, जिसकी प्राप्ति भी शिकायतकर्ताओं को दी गई है।

 /></p><div class='code-block code-block-5' style='margin: 8px 0; clear: both;'>
<p><img class=

तहरीर के अनुसार, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का कार्यक्रम आयोजित हुआ था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 10 अगस्त को कुछ लोगों द्वारा रामलीला मैदान के कथित ‘शुद्धिकरण’ की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए।

 /></div>




<p class=शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि वायरल सामग्री में मौजूद वीडियो को कथित तौर पर काट-छांट अथवा एडिट कर धार्मिक नारे को आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया। उनका कहना है कि इस तरह की सामग्री से किसी धर्म या समुदाय के प्रति गलत धारणा, घृणा अथवा वैमनस्य पैदा होने की आशंका है।

तहरीर में पुलिस से वायरल वीडियो के मूल स्रोत की जांच, वीडियो को एडिट करने वाले व्यक्ति तथा उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों की पहचान करने की मांग की गई है। साथ ही वीडियो की डिजिटल/फॉरेंसिक जांच और मूल वीडियो से उसका मिलान कराने का अनुरोध किया गया है।

शिकायतकर्ता ने आरोप सही पाए जाने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता-2023 की संबंधित धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही सामाजिक एवं साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए आवश्यक निवारक कदम उठाने का भी अनुरोध किया गया है।

फिलहाल मामले में पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। वायरल वीडियो की वास्तविकता, उसके मूल स्रोत और उसमें किसी प्रकार की एडिटिंग हुई है या नहीं—इन सभी बिंदुओं पर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

I7 News की अपील: सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो या दावे को बिना सत्यापन के आगे साझा न करें। मामले में पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार किया जाना जरूरी है।

Link copied to clipboard!