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हल्द्वानी की लाल मस्जिद की नई प्रबंध समिति गठित, पुराने हिसाब-किताब पर उठे सवाल

| May 15, 2026 | 3 months ago | 1 min read

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार हल्द्वानी की लाल मस्जिद से संबंधित वक्फ संख्या 04, 51, 384, 385 और 386 के प्रबंधन हेतु नई 11 सदस्यीय प्रबंध समिति का गठन किया गया है। यह समिति एक वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त की गई है।

जारी आदेश में हाजी सज्जाद अली को अध्यक्ष, हाजी मोहम्मद इमरान को उपाध्यक्ष, इकराम अंसारी को सचिव और शौएब अहमद को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा अन्य सदस्यों को भी समिति में शामिल किया गया है।

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वक्फ बोर्ड ने समिति को वित्तीय पारदर्शिता, आय-व्यय का रिकॉर्ड, ऑडिट, दान और चंदे का पूरा हिसाब रखने सहित कई सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही मस्जिद और वक्फ संपत्तियों के रखरखाव, किराया वसूली और अवैध कब्जों को हटाने को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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<p class=लेकिन अब देखने वाली बात यह होगी कि कथित तौर पर स्थानीय लोगों द्वारा लगाए जा रहे उन आरोपों का क्या होगा, जिनमें कहा जा रहा है कि पहले की समिति ने अब तक मस्जिद का पूरा हिसाब-किताब सार्वजनिक नहीं किया है। लोगों का कहना है कि पुरानी कमेटी ने अभी तक मस्जिद का चार्ज और वित्तीय रिकॉर्ड पूरी तरह नहीं सौंपा है।

स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि मस्जिदों और धार्मिक संस्थाओं में आने वाले चंदे और दान का पारदर्शी हिसाब जनता के सामने रखा जाना चाहिए, ताकि भरोसा कायम रहे और किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति न बने।

I7 News पहले भी इस तरह के मुद्दों को उठाता रहा है और एक बार फिर अपील करता है कि लोग अपने आसपास की मस्जिदों, मदरसों और धार्मिक संस्थाओं के आय-व्यय और प्रबंधन व्यवस्था पर जागरूक रहें।
धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही समाज के विश्वास को मजबूत करती है।

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