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“संविधान बचाओ, देश बचाओ दिवस” के रूप में मनाई गई डॉ. अंबेडकर जयंती, विचार गोष्ठी में उठी आवाज

| April 14, 2026 | 3 months ago | 0 min read

हल्द्वानी, 14 अप्रैल। भारत रत्न की जयंती के अवसर पर बागजाला गांव स्थित धरना स्थल पर “संविधान बचाओ, देश बचाओ दिवस” के रूप में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने अंबेडकर के विचारों को याद करते हुए संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का आह्वान किया।

भाकपा (माले) नैनीताल के जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब द्वारा बनाए गए संविधान में गरीबों, वंचितों, महिलाओं और दलितों को आगे बढ़ाने तथा लोकतंत्र को मजबूत करने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार इन मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. अंबेडकर किसी भी प्रकार के धार्मिक राष्ट्र के खिलाफ थे और आज लोकतांत्रिक व्यवस्था को खतरा उत्पन्न हो रहा है।

डॉ. उर्मिला रैस्वाल ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने अपना पूरा जीवन जातीय भेदभाव को समाप्त करने के लिए समर्पित किया। उन्होंने देश के संविधान को भेदभाव रहित बनाने का प्रयास किया और महिलाओं को समान अधिकार दिलाने के लिए महत्वपूर्ण कानून बनाए। उन्होंने याद दिलाया कि महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कानून पारित न होने पर अंबेडकर ने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि सरकार एक ओर अंबेडकर के नाम का उपयोग करती है, जबकि दूसरी ओर उनके विचारों के विपरीत नीतियां लागू कर रही है। कार्यक्रम के दौरान “शिक्षित बनो, संगठित हो, संघर्ष करो” के नारों के साथ उपस्थित लोगों ने डॉ. अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर डॉ. कैलाश पाण्डेय, डॉ. उर्मिला रैस्वाल, वेद प्रकाश, विमला देवी, चंद्र प्रकाश, दीवान सिंह बर्गली, हरीश, परवेज, महेन्द्र, हेमा आर्य, पुष्पा देवी, खीम राम, पूरन राम, ललित प्रसाद, महेश राम, रिहाना, निजामुद्दीन, सविता देवी, पार्वती, सुनीता, दौलत सिंह, तुलसी, हेमा देवी, रेनू, दिनेश चंद्र और शोभा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।

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