हल्द्वानी जेल में महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल का निरीक्षण, महिला बंदियों के कौशल विकास और पुनर्वास की सराहना

हल्द्वानी | I7 NEWS
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अपने दो दिवसीय हल्द्वानी दौरे के दौरान शुक्रवार को उप जिला कारागार, हल्द्वानी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया और महिला बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, खान-पान, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की।


निरीक्षण के दौरान महिला आयोग अध्यक्ष ने महिला बंदियों के सुधार, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जेल केवल सजा का स्थान नहीं बल्कि सुधार और नए जीवन की शुरुआत का केंद्र भी होना चाहिए। यदि बंदियों को शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जाएं तो रिहाई के बाद वे सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकती हैं।


कारागार प्रशासन ने महिला आयोग अध्यक्ष को बताया कि महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जेल परिसर में सिलाई, बुनाई और कढ़ाई का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं, जिन पर महिला बंदियां कुशलता से कार्य कर रही हैं। कई महिला बंदियां सिलाई कार्य के माध्यम से आय भी अर्जित कर रही हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने जेल परिसर में संचालित बेकरी इकाई का भी अवलोकन किया। यहां महिला बंदियों द्वारा विभिन्न बेकरी उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिन्हें कारागार प्रशासन बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध कराता है। इससे बंदियों को रोजगारपरक प्रशिक्षण के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हो रहा है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी जेल प्रशासन द्वारा सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से महिला बंदियों को उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इसके अलावा हाल ही में महिला बंदियों के लिए ब्यूटीशियन कोर्स का सफल आयोजन भी किया गया, जिससे रिहाई के बाद वे स्वरोजगार के माध्यम से सम्मानजनक जीवनयापन कर सकें।
महिला आयोग अध्यक्ष ने जेल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि महिला बंदियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रमों को लगातार प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक प्रमोद कुमार, डिप्टी जेलर रचित बोंठियाल, डिप्टी जेलर नीलम धामी, डॉ. पलक मित्तल, प्रतिभा जोशी, आधार वर्मा सहित कारागार प्रशासन के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
I7 NEWS महिला बंदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए जा रहे ऐसे प्रयासों को समाज के लिए सकारात्मक पहल मानता है, जो उन्हें नई शुरुआत का अवसर प्रदान करते हैं।
