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उत्तराखंड में शस्त्र लाइसेंस पर सख्ती: ट्रांसफर, नए परमिट और कारतूस उपयोग तक की होगी गहन जांच

| April 5, 2026 | 6 months ago | 1 min read

के सख्त निर्देशों के बाद उत्तराखंड में शस्त्र लाइसेंस को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। राज्य के गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश जारी करते हुए प्रदेशभर में शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक समीक्षा और पुनः सत्यापन कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट भी शासन स्तर पर तलब की गई है।

हाल के समय में प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए यह सख्त निर्णय लिया गया है। खासतौर पर उन शस्त्र लाइसेंसों की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं, जो अन्य राज्यों से ट्रांसफर होकर उत्तराखंड में आए हैं। इसके अलावा हाल ही में जारी नए लाइसेंस भी प्रशासन की जांच के दायरे में रहेंगे।

गृह सचिव ने स्पष्ट किया है कि सभी जिलाधिकारी लाइसेंस धारकों का पूरा सत्यापन कर रिपोर्ट शासन को भेजें। जिन मामलों में एक व्यक्ति के पास एक से अधिक शस्त्र हैं, वहां उनकी वैधता, प्रक्रिया और आवश्यकता की भी गहराई से समीक्षा की जाएगी।

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<p class=नई व्यवस्था के तहत अब केवल शूटिंग खिलाड़ियों को ही दो से अधिक शस्त्र रखने की अनुमति दी जाएगी, वह भी उनके प्रदर्शन के आधार पर तय होगी। इसके अतिरिक्त गन हाउस की नियमित जांच, उनके स्टॉक का सत्यापन और कारतूस के उपयोग पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी।

सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है—शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग पर रोक लगाना और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना। प्रशासनिक स्तर पर इस फैसले को सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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