खनस्यूं में तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप, कार्रवाई की मांग
ओखलकांडा, नैनीताल। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ओखलकांडा विकासखंड के खनस्यूं क्षेत्र में निकाली गई एक तिरंगा यात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। क्षेत्रीय सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु ने आरोप लगाया है कि 14 अगस्त को आयोजित रैली के दौरान कुछ लोगों द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया गया।
पनेरु की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि रैली में कुछ लोगों के हाथों में विधायक राम सिंह कैड़ा की तस्वीर वाले छाते दिखाई दिए और इसी दौरान एक वीडियो में राष्ट्रीय ध्वज जमीन को छूता अथवा घसीटता हुआ नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो को आधार बनाते हुए उन्होंने पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, रैली का नेतृत्व विधायक राम सिंह कैड़ा की पत्नी कमलेश कैड़ा कर रही थीं। वीडियो में समर्थकों द्वारा राम सिंह कैड़ा के समर्थन में नारे लगाए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

क्षेत्रीय लोगों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि वीडियो में तिरंगे के साथ कथित रूप से लापरवाही करता दिखाई दे रहा व्यक्ति मल्ला ओखलकांडा ग्रामसभा के प्रधान पति तथा भाजपा ओखलकांडा मंडल के मंडल महामंत्री दीपक बर्गली हैं। इस पहचान की भी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद से मामले में कार्रवाई की मांग की जा रही है, लेकिन 16 अगस्त तक पुलिस की ओर से किसी कार्रवाई की सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है। क्षेत्रीय लोगों ने कथित तौर पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर खनस्यूं थाने में प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े कानून
भारत में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से संबंधित मामलों में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 तथा भारतीय ध्वज संहिता, 2002 महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान हैं। ऐसे मामलों में किसी वीडियो या आरोप के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय संबंधित पुलिस अथवा जांच एजेंसी द्वारा तथ्यों की जांच किया जाना आवश्यक है।
इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की पुलिस जांच कब होती है और यदि राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार क्या कार्रवाई की जाती है।
I7 News इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है। संबंधित पक्षों या पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
रिपोर्ट: I7 News | दिनांक: 16 अगस्त 2026
