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20 मई की प्रस्तावित हड़ताल पर सख्त हुआ ड्रग विभाग, दवा दुकानें बंद करने पर कार्रवाई की चेतावनी

| May 18, 2026 | 5 months ago | 0 min read

देहरादून/नई दिल्ली। देशभर समेत उत्तराखंड में 20 मई को प्रस्तावित दवा कारोबारियों की हड़ताल को लेकर उत्तराखंड के औषधि नियंत्रक ताजवर सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने केमिस्ट एसोसिएशन को पत्र जारी कर दवा की दुकानों को बंद न करने की अपील की है।

औषधि नियंत्रक ने कहा कि दवाओं की बिक्री आवश्यक सेवाओं के अंतर्गत आती है। ऐसे में यदि हड़ताल के कारण मेडिकल स्टोर बंद होते हैं और मरीजों को दवाएं नहीं मिल पातीं, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग एक्ट के तहत दवा कारोबारी हड़ताल पर नहीं जा सकते। इसलिए सभी दवा व्यापारियों से अपील की गई है कि वे हड़ताल के बावजूद अपनी दुकानें खुली रखें, ताकि आम जनता और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि दवा व्यवसाय सीधे लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें बाधा गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है।

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<p class=दरअसल, देशभर के दवा कारोबारियों ने ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। कारोबारियों का कहना है कि ऑनलाइन दवा बिक्री से पारंपरिक मेडिकल स्टोरों के व्यवसाय पर नकारात्मक असर पड़ रहा है और छोटे व्यापारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है।

उत्तरांचल औषधि संघ के प्रदेश अध्यक्ष बी.एस. मनकोटी ने कहा कि यदि सरकार ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक नहीं लगाई, तो दवा कारोबारियों के लिए व्यापार करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि हालात नहीं बदले तो भविष्य में मजबूरन दुकानों को स्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।

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