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देहरादून: हरीश रावत के अवकाश के बीच सियासी हलचल तेज, यशपाल आर्य की मुलाकात से बढ़ी चर्चाएं

| April 6, 2026 | 5 months ago | 0 min read

देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में इन दिनों हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री के “उपार्जित अवकाश” पर जाने के बाद राजनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष ने देहरादून स्थित उनके आवास पर पहुंचकर शिष्टाचार भेंट की, जिसने सियासी अटकलों को और हवा दे दी है।

सूत्रों के मुताबिक इस मुलाकात में प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन को मजबूत करने की रणनीति, आगामी चुनावों की तैयारी और जनहित से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। इसे कांग्रेस के भीतर सामंजस्य और रणनीतिक एकजुटता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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गौरतलब है कि हरीश रावत ने हाल ही में 15 दिन का “उपार्जित अवकाश” लिया है। उन्होंने इसे व्यक्तिगत विश्राम बताया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। माना जा रहा है कि उनकी अनुपस्थिति के दौरान पार्टी में हो रही गतिविधियों और कुछ फैसलों को लेकर अंदरखाने असंतोष की स्थिति भी हो सकती है।

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<p class=खासतौर पर रामनगर से संजय नेगी को कांग्रेस में शामिल न किए जाने और अन्य दलों के नेताओं के पार्टी में प्रवेश को लेकर भी कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। हालांकि इन दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यशपाल आर्य की यह मुलाकात पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने और संभावित मतभेदों को दूर करने का संकेत देती है। आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व संगठन को एकजुट रखने में जुटा हुआ है।

फिलहाल, हरीश रावत के अवकाश और उससे जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। उनकी वापसी के बाद उत्तराखंड कांग्रेस की रणनीति और दिशा और स्पष्ट होने की संभावना है।

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