ग्रामीण सुरक्षा को लेकर उठी आवाज, जंगली जानवरों से बचाव के लिए ठोस कदमों की मांग

कालाढूंगी/ग्रामीण क्षेत्र।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ते जंगली जानवरों के खतरे को लेकर जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। इस दौरान ने प्रमुख रूप से मुद्दा उठाते हुए कहा कि सबसे पहले पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को जंगलों की ओर न जाना पड़े और जोखिम कम हो सके।

उन्होंने गांवों में सौर ऊर्जा आधारित लाइटें लगाने की मांग भी की, जिससे रात के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो सके। उनका कहना है कि अंधेरे के कारण जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ती है, जिसे रोका जा सकता है।
नीरज तिवारी ने सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित फेंसिंग लगाने पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि इससे जंगली जानवरों की गांव में एंट्री रोकी जा सकेगी और ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
वहीं कालाढूंगी क्षेत्र में भूपेंद्र सिंह की हाथी के हमले में हुई मौत को उन्होंने बेहद दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
इस मामले में नीरज तिवारी ने प्रशासन से तत्काल मुआवजा देने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस तरह की घटनाओं पर गंभीरता से त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
