जनसुनवाई में भूमि विवाद से लेकर अतिक्रमण तक मामलों पर आयुक्त दीपक रावत सख्त अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
हल्द्वानी, 22 अगस्त 2026। आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने शनिवार को कैंप कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में आम नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। भूमि विवाद, धनराशि की वापसी, आपराधिक तत्वों पर कार्रवाई, दिव्यांग प्रमाण पत्र, अवैध अतिक्रमण और सार्वजनिक पार्कों को कब्जामुक्त कराने समेत कई मामलों में उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान कई मामलों का मौके पर ही समाधान भी कराया गया।

रजिस्ट्री में कम निकली जमीन, बिल्डर ने दूसरी जगह पूरी जमीन दी
अल्मोड़ा के ग्राम सल्ट निवासी लीला देवी ने पिछली जनसुनवाई में शिकायत की थी कि उन्होंने काशीपुर के चांदपुर स्थित पर्वतीय कॉलोनी में एक बिल्डर से प्लॉट खरीदा था। मौके पर पहुंचने पर रजिस्ट्री में दर्ज रकबे की तुलना में भूमि कम पाई गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने दोनों पक्षों को जनसुनवाई में बुलाया। आपसी सहमति के बाद बिल्डर ने शिकायतकर्ता को रजिस्ट्री में दर्ज मूल रकबे के बराबर भूमि उसी कॉलोनी में अन्य स्थान पर उपलब्ध करा दी। समस्या का समाधान होने के बाद लीला देवी ने आयुक्त का आभार जताया।
वन पंचायतों के गठन पर भी सख्त निर्देश
क्षेत्रीय परामर्शदात्री समिति एवं वन पंचायत से जुड़े सदस्यों ने कुमाऊं मंडल में वन पंचायतों के गठन का मुद्दा उठाते हुए आयुक्त को ज्ञापन सौंपा। समिति की ओर से बताया गया कि अल्मोड़ा को छोड़कर मंडल के अन्य जिलों में वन पंचायतों का गठन नहीं किया गया है।
आयुक्त दीपक रावत ने मामले का संज्ञान लेते हुए मंडल के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वन पंचायतों के गठन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराना सुनिश्चित करें।
चित्रेश्वर धाम में कथित अतिक्रमण की जांच के आदेश
रानीबाग स्थित ऐतिहासिक चित्रेश्वर धाम यानी चित्रशिला घाट परिसर में कथित अतिक्रमण का मामला भी जनसुनवाई में उठा। कत्यूरी समाज के लोगों ने आयुक्त से अतिक्रमण की जांच कर उसे हटाने की कार्रवाई की मांग की।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आयुक्त ने उपजिलाधिकारी और संबंधित प्राधिकरण के अधिकारियों को मौके पर स्थलीय निरीक्षण कर जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। अब संबंधित अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए भटक रही कंचन बिष्ट को मिली राहत
गोलापार के प्रतापपुर निवासी कंचन बिष्ट ने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाने को लेकर शिकायत की थी। आयुक्त के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और कंचन बिष्ट का दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
प्रमाण पत्र मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने लिखित रूप से पुष्टि की कि उनका काम पूरा हो गया है और अब उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा—“मेरा कार्य हो गया है।”
धनराशि वापसी के मामले में 2 अक्टूबर की समय सीमा
रामनगर के दुर्गापुरी निवासी तारा सती ने शिकायत की कि कैलाश सैनी द्वारा तय समय पर उनकी धनराशि वापस नहीं की गई। मामले का संज्ञान लेते हुए आयुक्त ने निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता की धनराशि आगामी 2 अक्टूबर तक वापस करना सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही स्पष्ट किया गया कि निर्धारित समय सीमा में धनराशि वापस नहीं होने पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
2016 में जमीन खरीदने के बावजूद रजिस्ट्री नहीं, 7 दिन में कार्रवाई के निर्देश
रुद्रपुर के भूतबंगला, नई बस्ती वार्ड नंबर-20 निवासी राधा डोगरा ने शिकायत की कि उन्होंने वर्ष 2016 में भूमि खरीदी थी, लेकिन इकरारनामे के बावजूद दीपक तिवारी एवं पूरन बिष्ट द्वारा भूमि की दाखिल-खारिज और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है।
आयुक्त ने संबंधित पक्ष को निर्देश दिए कि मामले में आवश्यक कार्रवाई करते हुए 7 दिन के भीतर रजिस्ट्री की कार्यवाही पूर्ण कराई जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए और मामले का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण किया जाए।
सार्वजनिक पार्कों पर कब्जे का मुद्दा भी उठा
जनसुनवाई में शीशमहल निवासी ललित जोशी ने आपराधिक तत्वों पर लगाम लगाने की मांग रखी। वहीं महेश चंद्र जोशी ने हल्दूचौड़ की इंदिरा आवास कॉलोनी स्थित सार्वजनिक पार्क को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की।
जगदम्बिका विहार, भगवानपुर तल्ला वार्ड नंबर-41 के लोगों ने भी कॉलोनी के पार्क को अतिक्रमण और कब्जे से मुक्त कराने की मांग आयुक्त के समक्ष रखी।
जनसुनवाई का संदेश—शिकायतों पर सिर्फ सुनवाई नहीं, कार्रवाई भी
आयुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए, बल्कि प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
शनिवार की जनसुनवाई में भूमि विवाद से लेकर सार्वजनिक संपत्तियों पर कथित कब्जे, नागरिक दस्तावेजों और धनराशि से जुड़े मामलों तक प्रशासन की सीधी निगरानी देखने को मिली। कई मामलों में मौके पर समाधान और अन्य मामलों में निश्चित समय सीमा तय किए जाने से साफ है कि शिकायतों को लंबित रखने के बजाय उनके निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है।
