योगा ट्रेनर ज्योति मेर हत्याकांड: आरोपियों के योग सेंटर पर खुलने को लेकर उबाल, पहाड़ी आर्मी का गांधीवादी प्रदर्शन

I7 NEWS | हल्द्वानी

योगा ट्रेनर ज्योति मेर की हत्या के आरोपियों द्वारा योग सेंटर संचालित किए जाने को लेकर जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड ने पुलिस–प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के महानगर अध्यक्ष फौजी भुवन पाण्डेय ने किया।


प्रदर्शन हल्द्वानी के मुखानी रोड स्थित उसी योग सेंटर पर किया गया, जहां ज्योति मेर कार्यरत थीं। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि हत्या के बावजूद आरोपी खुलेआम अपना व्यवसाय कैसे चला रहे हैं, और क्या शासन–प्रशासन पर मुख्यमंत्री की पकड़ कमजोर हो गई है?


फौजी भुवन पाण्डेय ने कहा कि 30 जुलाई को ज्योति मेर की हत्या जे.के. पूरम स्थित उनके कमरे में हुई, लेकिन शुरुआती दौर में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताकर मामले से पल्ला झाड़ लिया। तीन दिन बाद आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बेटी की निर्दयतापूर्वक हत्या की पुष्टि हुई, इसके बावजूद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई।


उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी की मांग को लेकर हुए पहले प्रदर्शन के दौरान ज्योति मेर की वृद्ध मां के साथ दुर्व्यवहार किया गया। पहाड़ी आर्मी के नगर अध्यक्ष व संगठन मंत्री को वाहन में धक्का देकर कोतवाली ले जाया गया और मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी गई। इसके बाद 8 अगस्त को संगठन अध्यक्ष हरीश रावत परिजनों के साथ एसपी सिटी से मिलने पहुंचे, जहां कथित तौर पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

आरोप है कि कोतवाल ने एसएसपी के आदेश पर कॉलर पकड़कर घसीटा, अश्लील गालियां दीं, और वहां मौजूद महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है।


प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष राजेंद्र कांडपाल, महिला जिला अध्यक्ष प्रेमा मेर, गीता बिष्ट, कविता जीना, प्रदीप रौतेला, रमा पांडे, दीपा बोरा, हरेन्द्र राणा, विनोद बिष्ट, जी.सी. जोशी, अंजू पांडे, संजय आर्या, दिलीप चंद सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।