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भीमताल में जन आवाज़ पर पहरा! मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु नजरबंद

| February 5, 2026 | 7 months ago | 0 min read

भीमताल

भीमताल की प्रमुख जन समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरु को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। हरीश पनेरु को सुबह करीब 10 बजे से शाम तक भीमताल थाने में रखा गया, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल मच गई है।

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बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनपद नैनीताल के जमरानी बांध क्षेत्र के निरीक्षण पर पहुंचे हुए थे। इसी दौरान हरीश पनेरु भीमताल क्षेत्र में बढ़ते बाघ आतंक, विकास कार्यों में अनियमितता, भ्रष्टाचार और अन्य स्थानीय जन समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करने जा रहे थे।

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<p class=पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर हरीश पनेरु ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से क्षेत्र की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने जा रहे थे, लेकिन उन्हें सुबह से ही भीमताल थाने में बंधक बनाकर रखा गया।हरीश पनेरु ने अपने बयान में कहा,

घटना के बाद स्थानीय लोगों और समर्थकों में रोष देखने को मिला। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जनता की आवाज उठाने से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए प्रशासन से जवाबदेही की मांग की है।फिलहाल, इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटना ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जन सरोकारों पर बहस को तेज कर दिया है।

मैं क्षेत्र की गंभीर समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहा था, लेकिन पुलिस ने मुझे सुबह से भीमताल थाने में नजरबंद कर रखा है। यह जन समस्याओं की आवाज को दबाने का प्रयास है।”

घटना के बाद स्थानीय लोगों और समर्थकों में रोष देखने को मिला। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जनता की आवाज उठाने से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए प्रशासन से जवाबदेही की मांग की है।फिलहाल,

इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटना ने एक बार फिर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जन सरोकारों पर बहस को तेज कर दिया है।

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