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वक्फ़ संशोधन अधिनियम 2024 के खिलाफ

| September 10, 2024 | 2 years ago | 1 min read

सम्भल में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

सम्भल, 10 सितम्बर 2024: आज बरोज़ मंगल, शहर सम्भल की कदीम इकामती दर्सगाह मदरसा अहले सुन्नत अशरफिया ज़मीरुल उलूम में शहर और आसपास के उलामाओं और सामाजिक व्यक्तियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में वक्फ़ संशोधन अधिनियम 2024 का विरोध करने का संकल्प लिया गया, जिसे धार्मिक, राष्ट्रीय और नैतिक कर्तव्य के रूप में देखा गया।

धार्मिक और संवैधानिक कर्तव्य

बैठक में मौजूद उलामाओं और धार्मिक नेताओं ने कहा कि वक्फ़ संशोधन अधिनियम का विरोध करना न केवल हमारा धार्मिक और राष्ट्रीय कर्तव्य है, बल्कि यह हमारा संवैधानिक अधिकार भी है। यह कानून मुस्लिम समुदाय के लिए हानिकारक है और इसे हर ईमान वाले को विरोध करना चाहिए।

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जागरूकता फैलाने पर ज़ोर

उलामा और नेताओं ने कहा कि इस अधिनियम का विरोध करने का सबसे बुनियादी स्तर यह है कि हम अपने-अपने शहरों और मोहल्लों में जाकर मुसलमानों को इस कानून से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करें। इसके साथ ही, बैठक में लोगों को इस काले बिल के खिलाफ ईमेल अभियान में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया।

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<h2 class=महत्वपूर्ण लोग हुए शामिल

बैठक में कई महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक हस्तियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शहर मुफ्ती कारी अलाउद्दीन अजमली, काइदे अहले सुन्नत मौलाना नफीस अख्तर अशरफी, शहर इमाम ईदगाह मौलाना सुलैमान अशरफ हामिदी, मौलाना फाजिल मिसबाही, शहर इमाम चन्दौसी मौलाना नाजिम अशरफ, कारी मोहम्मद इरफान लतीफी, मौलाना अहसानुल हक (जोया), मौलाना अरकान अजहरी (जोया), मौलाना मरगूब हुसैन (नायब इमाम चन्दौसी), कारी हबीबुर्रहमान (बिलारी), मौलाना असनाद रजा (रावां बुजुर्ग), मौलाना कामिल मिसबाही, मौलाना शौकत मिसबाही, मौलाना रईस अशरफी, कारी गुलाम मुदस्सिर, कारी बिलाल, कारी इमरान लतीफी प्रमुख थे।

सामाजिक हस्तियों की भागीदारी

धार्मिक नेताओं के साथ-साथ, शुऐब वास्ती (एडवोकेट), सय्यद वामिक अली, चौधरी जीशान, मोहम्मद शफीक अशफाकी, अब्दुल मुबीन अत्तारी, जकी अत्तारी, मोहम्मद तंजीम तुर्की, मुबीन अशरफ जैसी सामाजिक हस्तियों ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया।

वक्फ़ अधिनियम का कड़ा विरोध

सभी उपस्थित लोगों ने एक स्वर में वक्फ़ संशोधन अधिनियम 2024 का विरोध किया और इसे मुस्लिम समाज के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम मुस्लिम धार्मिक संपत्तियों और वक्फ़ संस्थानों पर नकारात्मक प्रभाव डालेगा।

सामूहिक विरोध की अपील

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शहर के हर मुस्लिम को इस काले कानून के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। इसके लिए लोगों को अपने स्तर पर इस कानून के खिलाफ आवाज़ उठाने और जागरूकता अभियान में हिस्सा लेने की अपील की गई।

नतीजा

बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सभी उपस्थित लोग अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर वक्फ़ संशोधन अधिनियम के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे और इसका पुरजोर विरोध करेंगे।

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