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रुद्रपुर में फर्जी पहचान पत्रों का बड़ा खेल: चेतन गंगवार गिरफ्तार

| February 20, 2026 | 3 days ago | 1 min read
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रुद्रपुर (ऊधमसिंह नगर) – ट्रांजिट कैंप क्षेत्र में पहचान पत्रों के साथ बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर जन सेवा केंद्र चलाने वाले Chetan Gangwar को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि वह पिछले दो वर्षों से गड्डा कॉलोनी, शिमला बहादुर इलाके में केंद्र की आड़ में फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहा था।


क्या-क्या बरामद हुआ?

छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में:

  • फर्जी आधार कार्ड
  • पैन कार्ड
  • हाईस्कूल की कूटरचित अंकतालिकाएं
  • फिंगरप्रिंट स्कैनर
  • फोटो पेपर शीट और अन्य डिजिटल उपकरण

बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार इन उपकरणों का इस्तेमाल दस्तावेजों को असली जैसा रूप देने में किया जाता था।


तकनीक का चौंकाने वाला दुरुपयोग

जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने ही आधार कार्ड के बारकोड का इस्तेमाल कर कई लोगों के फर्जी आधार कार्ड बना दिए। जब कार्ड्स को आधार स्कैनर ऐप से जांचा गया, तो अलग-अलग नाम और फोटो होने के बावजूद स्कैन करने पर आरोपी का ही विवरण सामने आया।

पुलिस का अनुमान है कि इस तरीके से सैकड़ों लोगों की डेमोग्राफिक डिटेल (नाम, जन्मतिथि, पता आदि) में बदलाव कर उन्हें स्थानीय निवासी दर्शाया गया।


नाबालिगों को कागजों में बनाया बालिग

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नाबालिग किशोर-किशोरियों की अंकतालिकाओं और आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर उन्हें बालिग दर्शाता था, ताकि वे सिडकुल की कंपनियों में नौकरी पा सकें।

यह मामला न केवल दस्तावेज जालसाजी का है, बल्कि श्रम कानून और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।


पुलिस का सख्त रुख

अजय गणपति कुंभार, एसएसपी ऊधमसिंह नगर, ने कहा कि इस नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा रही है। जिन संस्थानों में इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग हुआ है, उनकी भी जांच होगी। जिले के अन्य जन सेवा केंद्रों की सघन जांच की तैयारी की जा रही है।

पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश के रामपुर, बरेली और बिलासपुर जैसे क्षेत्रों से जुड़े लोगों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराता था।


कानून व्यवस्था पर खतरा

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह के फर्जी पहचान पत्र:

  • फर्जी मतदान
  • आपराधिक गतिविधियां
  • सरकारी योजनाओं में धोखाधड़ी

जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकते हैं।

फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी है।

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