STF उत्तराखण्ड का बड़ा एक्शन: म्यूल अकाउंट सिंडिकेट पर शिकंजा, 2 दिन में 4 मुकदमे दर्ज
देहरादून, 8 जून 2026।
उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट्स नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया है। STF द्वारा दो दिनों के भीतर ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 04 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि पिछले एक माह में कुल 06 अभियोग पंजीकृत कर 10 नामजद आरोपियों सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा चुकी है।

STF की जांच में खुलासा हुआ है कि आर्थिक रूप से कमजोर और मजदूर वर्ग के लोगों को लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाए जा रहे थे। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में होने वाले साइबर अपराधों की रकम को ट्रांसफर और छिपाने के लिए किया जा रहा था। बिहार, केरल, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की रकम इन खातों में पहुंच रही थी।

जांच एजेंसियों के मुताबिक डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, शेयर मार्केट फ्रॉड, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड और टास्क फ्रॉड जैसी घटनाओं से ठगे गए करोड़ों रुपये की रकम को इन म्यूल अकाउंट्स के जरिए लेयरिंग कर असली अपराधियों तक पहुंचाया जा रहा था।
STF और साइबर क्राइम टीम ने NCRP Portal, Samanvaya Portal, CFCFRMS, I4C Inputs, बैंकिंग रिकॉर्ड, KYC दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस संगठित गिरोह का खुलासा किया। Money Trail Analysis के जरिए खातों और आरोपियों की गतिविधियों की गहन जांच की गई।
एसटीएफ के अनुसार आज 08 जून को साइबर क्राइम थाना देहरादून और कुमाऊं में 03 FIR दर्ज करते हुए 04 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया है। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों, बैंक खातों और संभावित बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं सहित आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
एसएसपी STF ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि कोई भी व्यक्ति अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग सुविधा किसी अन्य को इस्तेमाल के लिए न दे। लालच या कमीशन के चक्कर में साइबर अपराधियों की मदद करना भी गंभीर अपराध है और खाताधारक के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
