नैनीताल में “ऑपरेशन प्रहार” का असर: अपराधियों पर कसा शिकंजा, 7 शातिर गिरफ्तार

नैनीताल। जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नैनीताल पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के निर्देशन में चल रहे इस अभियान ने अपराधियों और असामाजिक तत्वों पर सीधा प्रहार किया है।

अपराधियों पर सीधी कार्रवाई
03 अप्रैल से 07 अप्रैल 2026 तक चले इस अभियान में पुलिस ने 07 शातिर वांछित/इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, 02 पेशेवर अपराधियों को गुंडा एक्ट के तहत जिला बदर किया गया।




संदिग्धों पर नजर, सैकड़ों का सत्यापन
अभियान के दौरान पुलिस ने 484 संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन किया।
इसके अलावा:
- BNS के तहत 1 व्यक्ति
- BNSS के तहत 6 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई
- 111 लोगों पर पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई
इससे साफ है कि पुलिस ने केवल अपराधियों ही नहीं बल्कि संभावित असामाजिक गतिविधियों पर भी सख्ती दिखाई है।
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती
यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर भी पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया:
- 110 वाहनों पर कार्रवाई
- 31 वाहन सीज
- 13 लोगों को गिरफ्तार
इनमें रैश ड्राइविंग, ड्रंकन ड्राइविंग, गलत नंबर प्लेट और अवैध हूटर जैसे मामले शामिल हैं।
होटल-ढाबों की सघन चेकिंग
पुलिस ने जिलेभर में 243 होटल, ढाबों, पब और बार में औचक निरीक्षण कर किसी भी अनैतिक गतिविधि पर रोक लगाने का प्रयास किया।
क्या है “ऑपरेशन प्रहार” का उद्देश्य?
इस विशेष अभियान का मकसद:
- वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी
- अवैध गतिविधियों पर रोक
- सार्वजनिक स्थानों पर शांति व्यवस्था बनाए रखना
अभियान की निगरानी पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल कर रहे हैं।
जनता से पुलिस की अपील
नैनीताल पुलिस ने आम लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि:
👉 किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें
👉 आपकी सतर्कता से ही समाज सुरक्षित बन सकता है
👉 निष्कर्ष:
“ऑपरेशन प्रहार” के जरिए नैनीताल पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि जिले में अपराध और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लगातार कार्रवाई से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
