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हल्द्वानी: वन्यजीव-मानव संघर्ष रोकने को बड़ी पहल, सांसद की अध्यक्षता में अहम बैठक

| April 6, 2026 | 4 hours ago | 1 min read

हल्द्वानी, 06 अप्रैल 2026।
जनपद में वन्यजीवों द्वारा मानव को नुकसान पहुँचाने और बढ़ती मौतों की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में सांसद की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन विभाग और जिला प्रशासन को समन्वित और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान सांसद भट्ट ने स्पष्ट कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस रणनीति अपनाई जाए। उन्होंने वन विभाग को ग्राम पंचायत स्तर तक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को सुरक्षा उपायों की जानकारी मिल सके।

उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इनमें पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था, पर्वतीय क्षेत्रों में नियमित झाड़ियों का कटान, और जंगल जाने वाले लोगों को समूह में जाने की सलाह शामिल है। साथ ही, वन क्षेत्रों में सुरक्षा के मद्देनजर गार्ड तैनात करने की भी बात कही गई।

मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं को निर्देशित करते हुए सांसद ने कहा कि वन आच्छादित गांवों में सोलर लाइट, सोलर फेंसिंग, चारा वितरण और जागरूकता कार्यक्रम तेजी से चलाए जाएं। इसके अलावा, संवेदनशील इलाकों में पहले से ही पिंजरे और कैमरे लगाने पर भी जोर दिया गया।

मुख्य वन संरक्षक तेजस्वनी पाटिल ने जानकारी दी कि विभाग इस दिशा में युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है। वर्ष 2025 में जनपद नैनीताल में वन्यजीवों और सर्पदंश के कारण 27 लोगों की मृत्यु हुई, जिनके परिजनों को सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में कार्यशालाओं के माध्यम से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल चारा उपलब्ध कराया जा रहा है और सहायता राशि भी शीघ्र वितरित की जा रही है। साथ ही, वन क्षेत्रों से सटे गांवों में सोलर लाइट और सोलर फेंसिंग लगाने का कार्य भी तेजी से जारी है।

बैठक में विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, मेयर गजराज सिंह बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट सहित कई जनप्रतिनिधि और वन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष:
वन्यजीव-मानव संघर्ष को कम करने के लिए प्रशासन और वन विभाग अब अधिक सक्रिय और रणनीतिक तरीके से काम करने की तैयारी में है, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सके।

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