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हल्द्वानी: वन विभाग के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, 8 सूत्रीय मांगों पर दी चेतावनी

| April 6, 2026 | 6 months ago | 1 min read

हल्द्वानी। अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला कमेटी के नेतृत्व में सोमवार को तराई पूर्वी वन प्रभाग कार्यालय के बाहर किसानों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य बागजाला गांव में रुके हुए विकास कार्यों को तत्काल अनुमति दिलाना था।

किसानों का आरोप है कि जल जीवन मिशन, सड़क निर्माण, नहरों की मरम्मत, बिजली कनेक्शन और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं बजट स्वीकृत होने के बावजूद वन विभाग की अनुमति न मिलने के कारण लंबे समय से अटकी हुई हैं। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

धरने को संबोधित करते हुए किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने कहा कि बागजाला गांव के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि ये सुविधाएं सरकार की योजनाओं के तहत मिलनी चाहिए। उन्होंने वन विभाग पर पूर्व में हुए समझौते के उल्लंघन का आरोप भी लगाया।

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<p class=वरिष्ठ किसान नेता बहादुर सिंह जंगी ने सवाल उठाया कि जब सरकार विकास की बात करती है, तो गांव के लोगों को पानी, सड़क और सिंचाई जैसी सुविधाएं क्यों नहीं मिल रही हैं। वहीं, समिति की अध्यक्ष डॉ. उर्मिला रैस्वाल ने कहा कि विकास कार्यों में बाधा डालना जनविरोधी कदम है और इसे तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए।

धरने के बाद किसानों ने डीएफओ से 8 सूत्रीय मांगों को लेकर वार्ता की, जिसमें पेयजल योजनाओं की स्वीकृति, सड़कों व नहरों की मरम्मत, बिजली-पानी कनेक्शन, स्ट्रीट लाइट लगाने और पूर्व में जारी नोटिस वापस लेने जैसी मांगें शामिल हैं।

डीएफओ द्वारा मांगों पर कार्यवाही का आश्वासन दिया गया है। हालांकि किसान महासभा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी।

इस दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन में भाग लिया और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

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