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हल्द्वानी में सपा की सियासत गरम — अब्दुल बारी की मुलाकात से बढ़ी अंदरूनी हलचल, 2027 से पहले बड़ा बदलाव या नई कंट्रोवर्सी?

| April 4, 2026 | 5 months ago | 1 min read

सूत्रों की माने तो इस मुलाकात में उत्तराखंड में सपा की स्थिति, संगठन में कमजोरी और 2027 चुनाव की रणनीति पर विस्तार से बातचीत हुई। लेकिन अंदरखाने की खबरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, एक ओर मतीन सिद्दीकी का कद लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ नई सियासी सक्रियता ने कई पुराने समीकरणों को हिला दिया है। सवाल उठ रहा है कि क्या यह मुलाकात संगठन सुधार के लिए थी या फिर हल्द्वानी की राजनीति में नया पावर सेंटर खड़ा करने की तैयारी?

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ऐसे में यह मुलाकात सपा के लिए “सुधार” कम और “सियासी दबाव” ज्यादा बनती दिख रही है।

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<p class=राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है 2027 से पहले ही पार्टी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं अगर इसे सही दिशा मिली, तो यही रणनीति सपा के लिए गेमचेंजर भी साबित हो सकती है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या हल्द्वानी में सपा एकजुट होकर नई ताकत बनेगी, या फिर अंदरूनी विवाद ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाएगा?

वहीं मतीन सिद्दीकी को जनता का साथ भी मिल रहा है, क्योंकि वह 2007 से रेलवे से बनभूलपुरा के मुद्दों को लेकर लगातार लड़ाई लड़ते आ रहे हैं।

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