मुरादाबाद महापंचायत में गूंजा उत्तराखंड का मुद्दा, हल्द्वानी की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया गया

मुरादाबाद, 4 अप्रैल 2026। भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति द्वारा आयोजित विशाल महापंचायत आज मुरादाबाद में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस महापंचायत में देश के विभिन्न राज्यों से किसान प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपनी-अपनी समस्याओं को मंच के माध्यम से उठाया। उत्तराखंड के नैनीताल जिले से जिला अध्यक्ष जमील अहमद अपनी टीम के साथ महापंचायत में पहुंचे और प्रदेश की जमीनी समस्याओं को प्रमुखता से राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने रखा।

महापंचायत के दौरान जमील अहमद ने उत्तराखंड विशेषकर हल्द्वानी क्षेत्र की कई गंभीर समस्याओं को राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर स्वराज सिंह भाटी के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति बेहद खराब है, जिससे आम जनता और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर भी स्थानीय लोगों में असंतोष है, जिसे लेकर किसानों और आम जनता में विरोध की स्थिति बनी हुई है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर स्वराज सिंह भाटी ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही उत्तराखंड के हल्द्वानी (जनपद नैनीताल) में एक बड़ी पंचायत आयोजित की जाएगी, जिसमें स्थानीय मुद्दों को विस्तार से उठाया जाएगा और उनके समाधान के लिए ठोस रणनीति बनाई जाएगी।
भाटी ने कहा कि संगठन हमेशा किसानों और आम नागरिकों के हक की लड़ाई लड़ता आया है और आगे भी मजबूती से उनकी आवाज को सरकार तक पहुंचाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं और यदि इन क्षेत्रों में लापरवाही होती है तो संगठन आंदोलन के लिए भी पीछे नहीं हटेगा।
महापंचायत में मौजूद अन्य किसान नेताओं ने भी विभिन्न राज्यों की समस्याओं पर चर्चा की और एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि किसानों की समस्याएं अब स्थानीय स्तर से उठकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंच रही हैं।
इस महापंचायत के माध्यम से उत्तराखंड के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अब सभी की नजरें आगामी हल्द्वानी पंचायत पर टिकी हैं, जहां इन समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की संभावना है।
