बोर्ड परीक्षाओं से पहले जिलाधिकारी की अपील — संयम, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच रखें
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सूरजकुंड मेला परिसर में 7 फरवरी को हुआ झूला हादसा अब सिर्फ एक दुर्घटना नहीं रहा, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर बड़ा सवाल बन चुका है। इस हादसे में घायलों को बचाते हुए हरियाणा पुलिस के निरीक्षक जगदीश प्रसाद शहीद हो गए, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ऐसी लापरवाही की जिम्मेदारी किसकी है?

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश की हिमाचल फन केयर कंपनी के प्रोपराइटर मोहम्मद शाकिर, निवासी गांव टोका नंगला, जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) और नितेश, निवासी धर्मपुरी सदर, मेरठ कैंट (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे और नाम सामने आ सकते हैं।

इस पूरे मामले में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, जबकि पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता के आदेश पर पुलिस उपायुक्त अपराध की निगरानी में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है। जांच में झूले की तकनीकी स्थिति, फिटनेस सर्टिफिकेट, बिजली सुरक्षा और अनुमति प्रक्रिया की भी पड़ताल की जा रही है।
हादसे में कुल 12 लोग घायल हुए थे, जिनमें पुलिसकर्मी और आम नागरिक शामिल हैं। सभी घायलों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन निरीक्षक जगदीश प्रसाद की शहादत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मेले में सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई है?
सबसे गंभीर पहलू यह है कि यही झूला संचालक पहले हल्द्वानी समेत कई शहरों में मेले लगा चुके हैं, जहां झूलों में करंट आने जैसी शिकायतें भी सामने आई थीं और प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी थी। इसके बावजूद यदि ऐसे संचालकों को दोबारा अनुमति दी जाती है, तो यह सीधे तौर पर प्रशासन की जिम्मेदारी से बचने जैसा माना जाएगा।

I7 News का सीधा सवाल है — क्या जिम्मेदारी सिर्फ झूला संचालकों तक सीमित रहेगी या अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी? जब लाखों लोग मेले में पहुंचते हैं, तो सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
सूरजकुंड हादसा अब एक चेतावनी से आगे बढ़कर सिस्टम की परीक्षा बन चुका है। अगर अब भी सख्त और पारदर्शी कार्रवाई नहीं हुई, तो अगली घटना के लिए जिम्मेदार सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था मानी जाएगी।
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