जब आस्था का सैलाब उमड़ा, तब ढाल बनकर खड़ी रही नैनीताल पुलिस

कैंची धाम मेला-2026 बना इतिहास, लाखों श्रद्धालुओं को मिले सुगम दर्शन; पुलिस की रणनीति और सेवा भावना की हर ओर सराहना


नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध में आयोजित स्थापना दिवस मेला-2026 इस बार केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि बेहतर प्रबंधन, अनुशासन और जनसेवा का भी मिसाल बन गया। लाखों श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ के बीच नैनीताल पुलिस ने जिस कुशलता और समर्पण के साथ व्यवस्थाओं को संभाला, उसने इस मेले को ऐतिहासिक बना दिया।


जहां एक ओर बाबा नीब करौरी महाराज के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, वहीं दूसरी ओर नैनीताल पुलिस हर मोर्चे पर मुस्तैद नजर आई। भीड़ नियंत्रण से लेकर यातायात संचालन और सुरक्षा व्यवस्था तक, हर जिम्मेदारी को पुलिस ने पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निभाया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। मेला क्षेत्र में पुलिस अधिकारियों और जवानों की सक्रिय मौजूदगी ने श्रद्धालुओं को सुरक्षा का भरोसा दिया। यही कारण रहा कि भारी भीड़ के बावजूद पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने भी मेले की सफलता का श्रेय पुलिस और प्रशासन की दूरदर्शी योजना को देते हुए कहा कि पिछले कई दशकों में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच इतना सुव्यवस्थित आयोजन पहली बार देखने को मिला है।
श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए दर्शन समय में एक घंटे की अतिरिक्त बढ़ोतरी भी की गई, जिससे अंतिम कतार में खड़े भक्तों को भी बाबा के दर्शन का अवसर मिल सका। इस निर्णय को सफल बनाने में पुलिस और प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मेला समाप्ति के बाद हर ओर एक ही चर्चा रही—आस्था के इस विराट आयोजन को सफल बनाने में नैनीताल पुलिस ने केवल सुरक्षा बल की नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण की भूमिका निभाई। यही वजह है कि कैंची धाम मेला-2026 को लोग वर्षों तक याद रखेंगे।
“आस्था के महाकुंभ में व्यवस्था की मिसाल बनी नैनीताल पुलिस” — यही इस ऐतिहासिक मेले की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
