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कपकोट, बागेश्वर: वन्दे मातरम् ग्रुप ने पिछले तीन दिनों में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर एक अनुकरणीय कार्य किया है। इस ग्रुप ने न केवल आपदा से प्रभावित लोगों से मुलाकात की बल्कि उनके क्षतिग्रस्त हुए घरों का जायज़ा भी लिया। इसके साथ ही ग्रुप ने उन लोगों तक राहत सामाग्री पहुँचाकर एक बड़ा योगदान दिया है, जो इस कठिन समय में अत्यधिक ज़रूरतमंद हैं।

भारी बारिश के कारण बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में अनेक स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं। इन घटनाओं ने लोगों की ज़िन्दगियों को उथल-पुथल कर दिया। ग्रुप के सदस्यों ने जिन क्षेत्रों का दौरा किया, वहाँ का दृश्य हृदय विदारक था।
भूस्खलन के कारण लोगों के पूरे घर मलबे में तब्दील हो चुके हैं। कई परिवारों ने अपने प्रियजनों, मवेशियों, और घर के सामान को खो दिया है।भूस्खलन के कारण जो जमीन पहले लोगों के घरों का आधार थी, वह अब सुरक्षित नहीं रही है। इन इलाकों में अब नए सिरे से घर बनाने की संभावनाएँ भी समाप्त हो चुकी हैं, जिससे प्रभावित लोगों के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
वन्दे मातरम् ग्रुप ने इस त्रासदी में प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपनी पूरी कोशिश की। ग्रुप के सदस्यों ने न केवल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया बल्कि उन्होंने राहत सामग्री भी पहुँचाई। इनमें खाद्य सामग्री, आवश्यक वस्त्र, और चिकित्सा सहायता शामिल हैं।
इस मुश्किल समय में वन्दे मातरम् ग्रुप की ये पहल एक उम्मीद की किरण बनकर उभरी है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि मानवता के नाते हम सबको एक-दूसरे के साथ खड़ा रहना चाहिए। “हरसंभव मदद तो हम भी नहीं कर सकते,” एक ग्रुप सदस्य ने कहा, “पर इस दुःख की घड़ी में यदि हम इनके साथ खड़े रहेंगे तो उन्हें दुबारा घर बनाने में हिम्मत मिलेगी।”
ग्रुप के सदस्यों से बातचीत के दौरान, स्थानीय लोगों ने अपने दर्द को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने जीवन की सारी जमा पूंजी खो दी। “हमारे पास कुछ भी नहीं बचा,
” एक बुजुर्ग महिला ने कहा, “हमारे घर मलबे में दब गए और मवेशी भी नहीं बचे। हमें नहीं पता कि अब हम कहाँ जाएँगे और कैसे अपनी ज़िंदगी फिर से शुरू करेंगे।”स्थानीय प्रशासन की ओर से भी कुछ मदद पहुँचाई जा रही है, लेकिन आपदा के विस्तार को देखते हुए ये प्रयास अभी भी अपर्याप्त हैं। वन्दे मातरम् ग्रुप की ओर से दी गई मदद ने इन प्रभावित परिवारों को थोड़ी राहत दी है, लेकिन इनकी ज़रूरतें अभी भी अधूरी हैं।

भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में अब भी खतरा बरकरार है। भूवैज्ञानिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएँ भविष्य में भी हो सकती हैं, जिससे और भी ज्यादा नुकसान हो सकता है।
इस स्थिति में प्रभावित लोगों को स्थायी समाधान की ज़रूरत है।वन्दे मातरम् ग्रुप ने अपने दौरे के बाद सरकार से अपील की है कि वह इन प्रभावित लोगों के लिए स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था करे। “यह समय केवल राहत सामग्री पहुँचाने का नहीं है,” ग्रुप के एक प्रमुख सदस्य ने कहा, “बल्कि एक दीर्घकालिक योजना की ज़रूरत है जिससे इन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाया जा सके।”

वन्दे मातरम् ग्रुप की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि जब भी कठिनाई का समय आता है, मानवता की शक्ति सबसे बड़ी होती है। इस ग्रुप ने अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव प्रयास किया है
और यह संदेश दिया है कि यदि हम सब एकजुट होकर प्रयास करें, तो कोई भी आपदा इतनी बड़ी नहीं हो सकती कि उससे पार न पाया जा सके।इस कठिन समय में, वन्दे मातरम् ग्रुप की इस पहल ने न केवल प्रभावित लोगों को राहत दी है,
बल्कि उन्होंने समाज के बाकी हिस्सों को भी जागरूक किया है कि हम सबको मिलकर इस आपदा से लड़ना है।इस पहल को देखते हुए, उम्मीद की जा सकती है कि अन्य सामाजिक संगठन और सरकार भी इस दिशा में सार्थक कदम उठाएंगे और प्रभावित लोगों को पुनर्वास के लिए उचित व्यवस्था प्रदान करेंगे।
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