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एक माह में होगा सर्वे, हर सप्ताह चलेगा संयुक्त अभियान, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर होगी सख्त कार्रवाई

| June 19, 2026 | 4 hours ago | 1 min read

हल्द्वानी/नैनीताल, 19 जून। जनपद नैनीताल में फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और आम नागरिकों के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधि deकारी ललित मोहन रयाल ने बड़ा अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार जिले के सभी नगरीय क्षेत्रों में स्थित फुटपाथों का एक माह के भीतर व्यापक सर्वेक्षण कराया जाएगा और अतिक्रमण के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन के संज्ञान में आया है कि जिले के विभिन्न शहरों और कस्बों में फुटपाथों पर स्थायी एवं अस्थायी अतिक्रमण तेजी से बढ़ा है। कई स्थानों पर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने अपने कारोबार का विस्तार फुटपाथों तक कर लिया है। इसके अलावा ठेले-फड़, निर्माण सामग्री का भंडारण, अवैध पार्किंग और अनधिकृत विज्ञापन सामग्री के कारण फुटपाथों का मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने कहा कि फुटपाथों पर गड्ढे, टूट-फूट और अन्य अवरोध भी पैदल यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं। ऐसी स्थिति में नागरिकों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों को मजबूर होकर मुख्य सड़क पर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का होगा पालन

जिलाधिकारी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न मामलों में सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों में यह स्पष्ट किया गया है कि फुटपाथों और सार्वजनिक मार्गों का प्राथमिक उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है।

उन्होंने विशेष रूप से Sodan Singh एवं अन्य बनाम New Delhi Municipal Committee एवं अन्य मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि किसी भी गतिविधि के कारण पैदल यात्रियों के अधिकार बाधित नहीं होने चाहिए। इसके अलावा अन्य मामलों में भी स्थानीय प्रशासन और नगर निकायों की जिम्मेदारी तय की गई है कि वे सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखें।

एक माह में होगा व्यापक सर्वेक्षण

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार नगर आयुक्त, नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी, सभी उप जिलाधिकारी, अधिशासी अभियंता और अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नगर निकाय, लोक निर्माण विभाग और पुलिस विभाग के साथ संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।

ये टीमें अगले एक माह के भीतर फुटपाथों का विस्तृत सर्वेक्षण करेंगी। सर्वे के दौरान अतिक्रमण की प्रकृति के आधार पर उसका वर्गीकरण भी किया जाएगा।

इन श्रेणियों में होगा अतिक्रमण का वर्गीकरण

प्रशासन ने सर्वेक्षण के दौरान अतिक्रमण को विभिन्न श्रेणियों में बांटने के निर्देश दिए हैं। इनमें शामिल हैं—

  • स्थायी अतिक्रमण
  • अस्थायी अतिक्रमण
  • व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का अवैध विस्तार
  • अवैध पार्किंग
  • निर्माण सामग्री का भंडारण
  • गड्ढों एवं क्षतिग्रस्त फुटपाथों की स्थिति
  • दिव्यांगजनों की आवाजाही में बाधक अवरोध

प्रत्येक श्रेणी का विस्तृत विवरण तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराया जाएगा ताकि आगे की कार्रवाई प्रभावी ढंग से की जा सके।

हर सप्ताह चलेगा संयुक्त अभियान

जिलाधिकारी ने नगर निकायों, पुलिस और संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रति सप्ताह कम से कम एक संयुक्त अभियान चलाएं। इस अभियान में अतिक्रमण हटाने, अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई करने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि अतिक्रमणकर्ताओं को पहले संबंधित अधिनियमों और उपविधियों के तहत नोटिस जारी किए जाएंगे। निर्धारित समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन बलपूर्वक निष्कासन की कार्रवाई करेगा।

फुटपाथों की मरम्मत को भी प्राथमिकता

जिलाधिकारी ने केवल अतिक्रमण हटाने तक ही अभियान को सीमित नहीं रखा है, बल्कि फुटपाथों की स्थिति सुधारने के भी निर्देश दिए हैं। लोक निर्माण विभाग और नगर निकायों को अपने नियंत्रण वाले फुटपाथों का निरीक्षण कर गड्ढों, धंसाव और टूट-फूट वाले हिस्सों की पहचान करने को कहा गया है।

उन्होंने निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी क्षतिग्रस्त हिस्सों की समयबद्ध मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराई जाए ताकि पैदल यात्रियों को सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध हो सके।

दिव्यांगजनों के लिए विकसित होंगी सुविधाएं

प्रशासन ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की भावना के अनुरूप फुटपाथों को अधिक सुगम बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत आवश्यकतानुसार रैम्प, टैक्टाइल पाथ और अन्य सुगम्यता सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि सार्वजनिक सुविधाएं सभी वर्गों के लिए समान रूप से सुलभ होनी चाहिए और दिव्यांगजन, बुजुर्ग एवं विशेष जरूरत वाले नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी।

अवैध पार्किंग पर भी होगी कार्रवाई

आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी स्थिति में फुटपाथों का उपयोग वाहन पार्किंग के लिए नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति या संस्था फुटपाथ पर वाहन खड़ा करती हुई पाई जाती है तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में पुलिस और परिवहन विभाग को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

नोडल अधिकारी होंगे नियुक्त

अभियान की निगरानी के लिए प्रत्येक नगर निकाय में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण करेगा और अभियान की प्रगति संबंधी पाक्षिक रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराएगा।

लापरवाही पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा निर्देशों के पालन में शिथिलता, उदासीनता या लापरवाही बरती गई तो उसके खिलाफ सेवा नियमों के तहत उत्तरदायित्व तय करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन के इस फैसले को जिले में यातायात व्यवस्था सुधारने, पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और शहरों को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि अभियान प्रभावी ढंग से लागू होता है तो आने वाले समय में नैनीताल जिले के प्रमुख शहरों और बाजारों में फुटपाथों पर आम लोगों का अधिकार फिर से स्थापित हो सकेगा।

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