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नैनीताल पुलिस की सख्ती और तत्परता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कानून के शिकंजे से अपराधी बच नहीं सकते। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री प्रहलाद नारायण मीणा के नेतृत्व में चल रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान वनभूलपुरा पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने 12 चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ 6 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है।
शातिर अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश
यह गिरोह नैनीताल, हल्द्वानी, बनभूलपुरा, मुखानी और रामनगर के साथ-साथ ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर, किच्छा और पंतनगर से भी मोटरसाइकिल चोरी कर रहा था। गिरोह के सदस्य बेहद शातिर थे, जो चोरी की गई बाइकों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर और कई बार चेसिस नंबर को भी खुर्द-बुर्द कर देते थे। चोरी की गई मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल ये अपराधी अन्य चोरी और नशे की तस्करी के लिए करते थे।
चोरी का अनोखा तरीका

गिरफ्तार किए गए चोरों से पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी चोरी की गई बाइकों को सुनसान इलाकों और जंगलों में छुपाते थे। पुलिस द्वारा की जा रही सघन चेकिंग से बचने के लिए इन्होंने अपने चोरी के वाहनों को जंगलों में छुपा रखा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी चोरी की बाइकों को वहां से निकालने की कोशिश कर रहे हैं, तभी वनभूलपुरा पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।

गिरफ्तारी की पूरी घटना
शुरुआत 9 सितंबर 2024 को हुई जब आज़ादनगर निवासी मेराजुद्दीन ने अपनी सफेद TVS Apache बाइक (नंबर- UK 04 X 0759) के चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस शिकायत पर थाना वनभूलपुरा में एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस तुरंत कार्रवाई में जुट गई। थानाध्यक्ष नीरज भाकुनी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसकी विवेचना उ0नि0 अनिल कुमार द्वारा की गई।
16 सितंबर 2024 को पुलिस ने आवला गेट रेलवे फाटक गौला बाईपास के पास से इन चोरों को धर दबोचा। जांच के दौरान पता चला कि यह एक अंतर्राज्यीय गिरोह है, जो बाइक चोरी कर नशे और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
बरामद बाइकें और उनके एफआईआर विवरण
इसके अलावा, चोरों की निशानदेही पर अन्य चोरी की गई 10 मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं, जिनमें स्प्लेंडर, अपाचे, प्लेटिना और TVS मॉडल शामिल हैं। कुल मिलाकर, पुलिस ने 12 बाइक बरामद की हैं।
अपराध करने का तरीका
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे चोरी की गई मोटरसाइकिलों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर या नंबर प्लेट हटा देते थे ताकि पुलिस उन्हें पकड़ न सके। चोरी की बाइकों का इस्तेमाल वे नशे के कारोबार और अन्य अपराधों में करते थे। चेसिस नंबर से छेड़छाड़ भी इस गिरोह की एक प्रमुख रणनीति थी।
पुलिस की तत्परता और टीम की सराहना
इस सफलता के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रहलाद नारायण मीणा ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए उन्हें 2500 रुपये का नगद पुरस्कार देने की घोषणा की।
पुलिस टीम का विवरण:
इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि नैनीताल पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कदम उठा रही है और जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
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