जमीयत उलमा-ए-हिंद ने 51 परिवारों को दी आर्थिक सहायता, 11 गैर-मुस्लिम परिवार भी शामिल


धर्म और कपड़ों से इंसानों की पहचान करने वालों को दिखाएं सही रास्ता: मौलाना अरशद मदनी

नई दिल्ली, सितंबर 2024 – जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी की देखरेख में 11 गैर-मुस्लिम परिवारों सहित कुल 51 परिवारों को फर्नीचर और घरेलू सामान वितरित किए गए। प्रत्येक परिवार को 30,000 रुपये की आवश्यक वस्तुएं जैसे सोफा, अलमारी, बिस्तर और किचन में उपयोग होने वाले सामान प्रदान किए गए। इसके अलावा, व्यक्तिगत रूप से नाई की दुकान चलाने वाले एक व्यक्ति को 45,000 रुपये और तीन बढ़ई को पुनः काम शुरू करने के लिए 15,000 रुपये प्रति व्यक्ति की आर्थिक सहायता दी गई।
केरल के बाढ़ पीड़ितों को जमीयत उलमा-ए-हिंद की मदद

प्रतिनिधिमंडल ने केरल के वाइनाड जिले का दौरा कर 51 बाढ़ पीड़ित परिवारों में राहत सामग्री वितरित की। मौलाना मदनी के निर्देश पर जमीयत के कार्यकर्ता वहां लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है, जिसमें 51 परिवारों को आवश्यक वस्तुओं के साथ आर्थिक सहायता भी दी गई।
जमीयत का संदेश: धर्म से ऊपर उठकर मानवता की सेवा


मौलाना मदनी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद का उद्देश्य हमेशा से ही मानवता की सेवा रहा है। उन्होंने देश में सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की अपील की और कहा कि जमीयत बिना किसी धार्मिक भेदभाव के पीड़ितों की मदद कर रही है।
बेघर पीड़ितों को मिलेगा नया आश्रय
वाइनाड के बाढ़ पीड़ितों को नया आश्रय देने की योजना भी बनाई जा रही है। मौलाना मदनी ने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए प्रयासरत है ताकि वे अपने जीवन को पुनः स्थापित कर सकें।
