हल्द्वानी में बागजाला गांव के मुद्दे पर आंदोलन तेज, 6 अप्रैल को DFO कार्यालय पर प्रदर्शन का ऐलान

हल्द्वानी,
बागजाला गांव के विकास कार्यों में वन विभाग द्वारा डाली जा रही बाधाओं के खिलाफ अब ग्रामीणों का आंदोलन तेज होने जा रहा है। अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में 6 अप्रैल को डीएफओ तराई पूर्वी कार्यालय, हल्द्वानी के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

किसान महासभा बागजाला कमेटी द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत इस आंदोलन की तैयारी को लेकर एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। बैठक में आंदोलन को सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई।

प्रदेश अध्यक्ष आनंद सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के चलते बागजाला गांव, जो आजादी से पहले बसा हुआ है, उसे अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि वन विभाग द्वारा गांव में सड़क, बिजली, पानी, सिंचाई, भवन निर्माण और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं पर रोक लगा दी गई है, जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, भाकपा (माले) के नैनीताल जिला सचिव डॉ. कैलाश पाण्डेय ने कहा कि वन विभाग की हठधर्मिता के खिलाफ यह आंदोलन जनहित में उठाया गया कदम है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 6 अप्रैल के धरने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।
आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत पेयजल योजनाएं शुरू करने, सड़कों और नहरों की मरम्मत, बिजली-पानी कनेक्शन की अनुमति, सोलर लाइट लगाने, वन विभाग की बाधाएं हटाने और जारी नोटिस वापस लेने समेत कुल 8 मांगें रखी हैं।
बैठक में आनंद सिंह नेगी, डॉ. कैलाश पाण्डेय, डॉ. उर्मिला रैस्वाल, वेद प्रकाश, प्रेम सिंह नयाल सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
अब 6 अप्रैल को होने वाले प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां बागजाला गांव के लोग अपनी मांगों को लेकर एकजुट होकर आवाज बुलंद करेंगे।
