हल्द्वानी में गिरफ्तार निर्दोष लोगों को कानूनी सहायता की तैयारी
हल्द्वानी में गिरफ्तार निर्दोष लोगों को कानूनी सहायता की तैयारी
– जमीअत अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के निर्देश पर जमीअत के प्रतिनिधिमंडल ने हल्द्वानी दंगा और बुलडोजर पीड़ितों से मुलाकात की
– पुलिस अधिकारियों के समक्ष अनुचित गिरफ्तारियों पर आपत्ति जताई और मुआवजे की मांग की, पीड़ितों की मदद के लिए एक कमेटी का गठन
नई दिल्ली 9 मार्च। जमीअत उलमा-ए-हिंद का एक प्रतिनिधिमंडल जमीअत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी के नेतृत्व में दंगा प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए हल्द्वानी पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मुहल्ला इंद्रा नगर, मलिक का बागीचा और लाइन नंबर 17 में घर-घर जाकर लोगों का हाल-चाल जाना और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। ज्ञात हो कि हल्द्वानी के बनभूलपोरा में पहले बुलडोजर, फिर हिंसा और मनमानी तरीके से की गई गिरफ्तारी से स्थानीय लोग काफी प्रभावित हैं, अब तक सौ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। प्रभावित इलाके के अधिकतर लोग गरीब और मजदूरी करने वाले हैं। जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी इन परिस्थितियों को लेकर बेहद चिंतित हैं, इसलिए उनके निर्देश पर नियुक्त प्रतिनिधिमंडल जमीनी स्थिति की समीक्षा करने के लिए दो दिनों से हल्द्वानी में डेरा डाले हुए है।
आज जमीअत उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने एडिशनल एसपी प्रकाश चंद्र, एसडीएम परितोष वर्मा और थाना बनभूलपुरा आजादनगर के एसएचओ अवनीगर भागवनी से मुलाकात की और मनमानी गिरफ्तारियों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि रमजान का महीना आ रहा है, इसलिए लोगों को जांच के नाम पर परेशान न किया जाए। प्रतिनिधिमंडल ने दंगे में जलाई गई और लूटपाट की शिकार हुई दुकानों, घरों और गाड़ियों की क्षति पर मुआवजे की मांग की। इसके साथ ही जिन लोगों के घरों को बुलडोजर की कार्रवाई में तोड़ दिया गया है, उनका पुनर्वास किया जाए।
इसके अलावा जमीअत उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल ने जमीअत उलमा उत्तराखंड के सचिव अब्दुल कादिर फार्मर के साथ स्थानीय जमीअत के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक की और प्रभावित लोगों की कानूनी सहायता और अन्य जरूरतों के लिए एक समिति का गठन किया गया। कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए हल्द्वानी के प्रमुख वकीलों से चर्चा की गई। इस दौरान विशेषकर निर्दोष एवं गरीब लोगों की जमानत पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया। वकीलों ने जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष को लिखे अपने पत्र में जमीअत की देखरेख में निर्दोषों को कानूनी सहायता प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की है।
आज जमीअत उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल में जमीअत उलमा हिंद के महासचिव के अलावा मौलाना शोएब, नाजिम दीनी तालीमी बोर्ड जमीअत उलमा-ए-हिंद, मौलाना आलम गुमाट मेवात, मौलाना अब्दुल-हादी और स्थानीय जमीअत उलमा से अब्दुल कादिर फार्मर, कारी अब्दुल मुईद साहब अध्यक्ष शहर हल्द्वानी, मुफ्ती अब्दुल बासित साहब शहर इमाम व खतीब मरकज मस्जिद बनजारां, मुफ्ती अजहद साहब, हाफिज अम्मार साहब समेत अन्य पदाधिकारी शामिल थे।



