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मुस्लिम मुत्तेहदा महाज ने हल्द्वानी में शांति भंग करने वालों पर की सख्त कार्यवाही की मांग

| September 27, 2024 | 2 years ago | 1 min read

हल्द्वानी, 27 सितंबर 2024 – मुस्लिम मुत्तेहदा महाज ने आज हल्द्वानी के उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें शहर में बिगड़ते सांप्रदायिक माहौल और शांति को दूषित करने की कोशिशों पर चिंता जताई गई। संगठन ने प्रशासन से मांग की कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर सख्त कार्यवाही की जाए जो शहर में नफरत फैला रहे हैं और आपसी सौहार्द को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

शांति और भाईचारे की गंगा-जमनी तहजीब पर खतरा

ज्ञापन में महाज ने हल्द्वानी की ऐतिहासिक गंगा-जमनी तहजीब और यहां सदियों से चले आ रहे शांति प्रिय वातावरण को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी शहर न केवल नैनीताल जिले में बल्कि पूरे प्रदेश में अपने भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए जाना जाता है। प्रशासन ने हमेशा इस माहौल को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से शहर में शांति भंग करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

धर्म विशेष को निशाना बनाने की साजिश

ज्ञापन में महाज ने कहा कि पिछले 10-12 सालों से हल्द्वानी के शांतिपूर्ण वातावरण को दूषित करने की साजिशें हो रही हैं। प्रशासनिक जांच में अक्सर यह साबित होता है कि धर्म विशेष पर लगाए गए आरोप गलत होते हैं, फिर भी उनके खिलाफ कार्यवाही नहीं की जाती। महाज ने इस तरह की घटनाओं पर नाराजगी जताई और कहा कि इससे शहर की शांति और सद्भाव पर असर पड़ रहा है।

हालिया घटनाओं पर सवाल

महाज ने हाल ही में शीशमहल क्षेत्र में हुई घटना का जिक्र किया, जिसमें चार लोगों को धर्म विशेष से जोड़कर गिरफ्तार किया गया था। बाद में प्रशासनिक जांच में यह साबित हुआ कि यह एक साजिश थी और निर्दोष लोगों को छोड़ दिया गया, लेकिन उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस नहीं लिया गया, जो कि अन्यायपूर्ण है। इसके अलावा, 23 सितंबर को प्रहलाद जी की मूर्ति खंडित होने की अफवाह फैलाई गई थी, जिसमें धर्म विशेष के लोगों को दोषी ठहराने की कोशिश की गई। प्रशासन ने बाद में पाया कि यह मूर्ति टेंट कर्मचारी सोनू यादव की गलती से खंडित हुई थी, लेकिन उसे बिना जांच के छोड़ दिया गया, जिससे समाज में गलत संदेश गया।

सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश

महाज ने बताया कि पिछले दो वर्षों में हल्द्वानी के भीतर सांप्रदायिक सद्भाव को कमजोर करने के लिए नफरत भरी घटनाएं बढ़ी हैं। धर्म विशेष के लोगों को धमकियां दी जाती हैं और उन्हें हल्द्वानी छोड़ने के नारे लगाए जाते हैं। कुछ असामाजिक तत्वों ने नगर निगम पर दबाव बनाकर उनके खिलाफ भेदभावपूर्ण आदेश भी पारित करा लिए हैं।

सोशल मीडिया पर फैल रही नफरत

महाज ने प्रशासन से सोशल मीडिया पर फैल रही नफरत की ओर भी ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कई वीडियो और पोस्ट इस बात का सबूत हैं कि कुछ लोग जानबूझकर हल्द्वानी का वातावरण दूषित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से इन वीडियो की जांच कर दोषियों को चिन्हित करने और उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की।

जनांदोलन की चेतावनी

महाज ने ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर प्रशासन द्वारा उचित कार्यवाही नहीं की गई, तो संगठन सांविधानिक अधिकारों के तहत जनांदोलन करने को मजबूर होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हल्द्वानी की शांति और सौहार्द को बचाने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।

हस्ताक्षरकर्ताओं की प्रमुख मांगे

इस ज्ञापन पर प्रमुख हस्ताक्षरकर्ताओं में हाजी इंतज़ार हुसैन, निसार अहमद अंसारी, मौलाना कारी अब्दुल हसन रिज़वी, मुजाहिद हुसैन सैफी एडवोकेट, मोहम्मद सालिम सिद्दीकी, और सय्यद रेहान मियाँ शामिल थे। सभी ने मिलकर प्रशासन से शहर की अमन-चैन को बनाए रखने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की।

महाज ने प्रशासन से यह भी अपील की कि वह शहर के माहौल को दूषित करने वाले लोगों पर निगरानी रखे और इस संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी 15 दिनों के भीतर दे।

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