हल्द्वानी में रिश्तों का कत्ल: छोटे भाई की बीमारी बना मौत की वजह
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दुधमुंहा बच्चा जब रोता है तो मां उसे अपने सीने से चिपकाकर दुलारती है. आंचल में छिपा लेती है. लेकिन राजधानी जयपुर में एक बेरहम मां ने अपनी 1 महीने 13 दिन के बेटे को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वह बार बार रोता था. महिला ने सर्जिकल ब्लेड से मासूम बेटे का बेरहमी से गला काट डाला. बाद में इस मां ने पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए हमले की मनगढ़त कहानी गढ़ डाली. शातिर महिला इस मामले को लेकर जांच में जुटी पुलिस को 17 दिन तक घूमाती रही. लेकिन आखिरकार उसकी पोल खुल गई. पुलिस ने मासूम बेटे की हत्या के आरोप में मां को गिरफ्तार लिया है

दिल को दहला देने वाली की इस खौफनाक वारदात का हाल में खुलासा हुआ है. मासूम बालक के ब्लाइंड मर्डर की जांच कर रही एडिशनल डीसीपी रानू शर्मा ने बताया कि दिल को दहला देने वाली यह वारदात जयपुर शहर के घाटगेट इलाके में हुई थी. वहां पर तोपखाना हजूरी में रहने वाले जावेद खान ने बीते 3 मार्च को रामगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि घर में घुसकर किसी व्यक्ति ने उनके भतीजे उजेफ का गला काटकर जख्मी कर दिया है. उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. बाद में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.

कहानी एडिशनल डीसीपी के मुताबिक बच्चे को उसकी मां अंजुम ने ही 2 मार्च को दिन में करीब 12 बजे अपने घर में रखी सर्जिकल ब्लेड से गले पर कट मारा था. फिर उसे तड़पती हुई हालत में लहूलुहान छोड़ दिया. इसके बाद घर वालों का ध्यान बंटाने के लिए शोर मचाने लगी कि लाल शर्ट पहने हुए कोई व्यक्ति घर में घुसकर उसके बेटे का गला काटकर भाग गया है. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने गहनता से पड़ताल शुरू की.बच्चे को उसकी मां अंजुम ने 2 मार्च को दिन में करीब 12 बजे अपने घर में रखी सर्जिकल ब्लेड से गले पर कट मारा था.बेटे से रोते रहने से परेशान हो गई थी अंजुमपुलिस गिरफ्त में आई अंजुम ने खुलासा किया उसका बेटा काफी रोता था. दिनभर उसे संभालने के बाद वह थक हारकर रात को भी नहीं सो पाती थी. ऐसे में अंजुम ने बेटे की हत्या करने की साजिश रची. उसे अंदाजा नहीं था कि डेढ़ महीने के बेटे को मार देने पर भी वह पुलिस की पकड़ में आ जाएगी. पहले ही 2 बच्चों को जन्म दे चुकी अंजुम को तीसरा बेटा बुरा लगने लगा था. वह डिलीवरी के बाद बच्चे के जन्म से लेकर उसके रोने से तंग आ चुकी थी. इसलिए वह उसकी हत्या की साजिश रचने लगी. आखिरकार 2 मार्च को मौका पाकर बच्चे को मार डाला.पुलिस को उसके एक बयान पर शक हुआ16 दिन तक चली पुलिस पड़ताल में सामने आया कि वारदात के वक्त कोई भी बाहरी व्यक्ति घर में नहीं आया था. यह भी पता चला कि बच्चे के रोने से अंजुम परेशान रहती थी. ऐसे में पुलिस को उसके एक बयान पर शक हुआ कि बच्चे का गला किसी ने काट दिया है. तब पुलिस ने अंजुम को हिरासत में लेकर मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ शुरू की. पहले अंजुम ने बयान बदलकर पुलिस को गुमराह किया. आखिरकार 17 वें दिन अंजुम ने 1 महीने 13 दिन के बच्चे की हत्या करना कबूल कर लिया.
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