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हल्द्वानी में 55 लाख की ठगी का मामला: दंपति पर एक ही मकान की दो रजिस्ट्री कराने

| April 18, 2025 | 12 months ago | 1 min read

और बैंक लोन हड़पने का आरोप, कोर्ट में चल रही सुनवाई

शहर के काबुल का बगीचा क्षेत्र में सामने आया एक बड़ा प्रॉपर्टी फ्रॉड का मामला अब अदालत की चौखट पर पहुंच गया है। नाहिद अंसारी और उनके पति मोनीश अंसारी पर एक ही मकान की दो बार रजिस्ट्री कराने, बैंक से लोन लेकर न चुकाने और लगभग ₹55 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगा है।

पूरा मामला क्या है?

पीड़ित के अनुसार, दंपति ने उनसे एक मकान खरीदा था।सौदे में कुछ रकम नकद दी गई और बाकी बैंक लोन से चुकाने की बात हुई।रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी हो गई और बैंक से लोन भी स्वीकृत हो गया।

लेकिन उसके बाद:बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया।बैंक लोन की किश्तें नहीं चुकाई गईं।और अंततः बैंक ने मकान को सील कर दिया।सबसे गंभीर मोड़ – दोबारा की गई रजिस्ट्री

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि:

नाहिद अंसारी ने एक फर्जी गिफ्ट डीड (दान पत्र) तैयार कर उसी मकान को अपने पति मोनीश अंसारी के नाम ट्रांसफर कर दिया।इसके बाद मोनीश अंसारी ने वही मकान एक तीसरे व्यक्ति को बेच दिया।अब न बैंक का पैसा चुका, न विक्रेता को बाकी रकम मिली – और आरोप है कि दोनों दंपति फरार हैं।

सवाल जो इस केस से उठते हैं:

पहले से रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी को फिर से रजिस्ट्री कैसे किया गया?रजिस्ट्रेशन विभाग ने पहले की रजिस्ट्री और बकाया लोन की जानकारी की जांच क्यों नहीं की?बैंक ने लोन पास करने के बाद रिकवरी पर निगरानी क्यों नहीं रखी?

जनता के लिए चेतावनी और सुझाव:

किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री से पहले पूरी कानूनी जांच कराएं।बैंक लोन की प्रक्रिया में सभी भुगतान दस्तावेज़ी रूप से सुरक्षित रखें।रजिस्ट्री ऑफिस में पुराना रिकॉर्ड खंगालें, ताकि दोहरी रजिस्ट्री की संभावना न रहे।गिफ्ट डीड और ट्रांसफर डॉक्युमेंट्स की भी कानूनी वैधता वकील से जांचवाएं।

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