हल्द्वानी बनभूलपुरा हिंसा मामला: हाईकोर्ट से आरोपियों को नहीं मिली राहत, 18 मार्च की सुनवाई अहम
हल्द्वानी। बनभूलपुरा हिंसा मामले में आरोपियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अगली तारीख 18 मार्च तय की है। ऐसे में अब इस मामले में 18 मार्च की सुनवाई को काफी अहम माना जा रहा है।
मामले की सुनवाई नैनीताल हाईकोर्ट में वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि इस मामले में दर्जनों आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है, इसलिए उन्हें भी जमानत दी जानी चाहिए। साथ ही यह भी कहा गया कि घटना के समय मुकदमा अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था और बाद में जांच के दौरान उनके नाम सामने आए।
इस मामले में अब्दुल रहमान, वसीम, अब्दुल तस्लीम सहित अन्य आरोपियों ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए याचिका दाखिल की है। कोर्ट ने फिलहाल कोई फैसला सुनाए बिना अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख तय कर दी।
गौरतलब है कि बनभूलपुरा दंगे के दौरान अब्दुल मलिक समेत अन्य के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज किए गए थे। आरोप है कि मलिक ने कथित तौर पर कूटरचित और झूठे शपथपत्र के आधार पर सरकारी भूमि पर कब्जा किया और नजूल भूमि पर अवैध प्लॉटिंग व निर्माण कर उसे बेच दिया। जब जिला प्रशासन अतिक्रमण हटाने पहुंचा तो उस दौरान पथराव हुआ, जिसके बाद मामला हिंसा में बदल गया।
अब 18 मार्च को होने वाली सुनवाई इस पूरे मामले के लिए काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि उसी दिन कोर्ट आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर आगे की कार्रवाई तय करेगा।
