Sunday, April 5, 2026 | Loading...
BREAKING NEWS
समाज में शिक्षा की अलख जगा रही “ममता एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी”, जरूरतमंद बच्चों को मिल रहा सहारासरकारी नौकरी घोटाले के चर्चित नाम हाकम सिंह रावत को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी क्लीन चिटउत्तराखंड में शस्त्र लाइसेंस पर सख्ती: ट्रांसफर, नए परमिट और कारतूस उपयोग तक की होगी गहन जांचहल्द्वानी में बागजाला गांव के मुद्दे पर आंदोलन तेज, 6 अप्रैल को DFO कार्यालय पर प्रदर्शन का ऐलानहल्द्वानी में सपा की सियासत गरम — अब्दुल बारी की मुलाकात से बढ़ी अंदरूनी हलचल, 2027 से पहले बड़ा बदलाव या नई कंट्रोवर्सी?समाज में शिक्षा की अलख जगा रही “ममता एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी”, जरूरतमंद बच्चों को मिल रहा सहारासरकारी नौकरी घोटाले के चर्चित नाम हाकम सिंह रावत को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी क्लीन चिटउत्तराखंड में शस्त्र लाइसेंस पर सख्ती: ट्रांसफर, नए परमिट और कारतूस उपयोग तक की होगी गहन जांचहल्द्वानी में बागजाला गांव के मुद्दे पर आंदोलन तेज, 6 अप्रैल को DFO कार्यालय पर प्रदर्शन का ऐलानहल्द्वानी में सपा की सियासत गरम — अब्दुल बारी की मुलाकात से बढ़ी अंदरूनी हलचल, 2027 से पहले बड़ा बदलाव या नई कंट्रोवर्सी?

america

| April 12, 2024 | 2 years ago | 1 min read




जवान बेटे की हत्या के बाद, परिवार में शोक का माहौल

अराफात के पिता ने बेटे को अमरीका में पड़ने के लिए स्टूडेंट लोन लिया था। जिसका क़र्ज़ 45 लाख अभी भी अराफात के पिता के सर पर बाकि है जिसकी वजह से वह मानसिक तनाव में है एक तो जवान बेटे की हत्या हो गयी। और बैंक का कर्ज़ा भी हो गया । इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में है।इस दुखद घटना के बाद, परिवार के लिए न केवल भावनात्मक, बल्कि आर्थिक संकट भी बढ़ गया है। अराफात के पिता के सिर पर अब बैंक के और भी कर्ज का बोझ है। इससे परिवार के गुजारा करने में और भी मुश्किल हो गया है।

 इस साल अब तक भारतीय मूल के कम से कम 11 छात्रों की मौत

अमेरिका में भारतीय मूल के छात्रों की मौत का सिलसिला लगातार थमने का नाम नहीं ले रहा है। साथ ही इसको लेकर यह दावा है कि इस साल अब तक भारतीय मूल के कम से कम 11 छात्रों की मौत का मामला सामने आ चुका है। बीते मंगलवार को ही अमेरिका के क्लीवलैंड शहर में 25 साल के मोहम्मद अब्दुल अराफात मृत पाए गए थे। अराफात क्लीवलैंड यूनिवर्सिटी से आईटी में मास्टर्स की पढ़ाई करने गए। अराफात करीब एक महीने से लापता थे और उनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था।

जारी रिपोर्ट के मुताबिक,

जारी रिपोर्ट के मुताबिक, अराफात 5 मार्च को अपने घर से निकले और फिर वापस नहीं लौटे। आखिरी बार उन्होंने अपने परिवार से 7 मार्च को बात की थी। उनके पिता ने कहा कि 19 मार्च को उन्हें एक फोन आया था, जिसमें अराफात की रिहाई के लिए 1,200 डॉलर की फिरौती मांगी गई थी। बता दें कि, ऐसी घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी से अमेरिका में रह रहे भारतीयों और भारतीयों में डर का माहौल है। इस बीच, फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज (FIIDS) ने इन घटनाओं का विश्लेषण करके मौतों के संभावित कारणों का पता लगाने की कोशिश की है।

भारतीय छात्रो के मौत का क्या है कारण?

बता दे कि, बोस्टन में रहने वाली लक्ष्मी थलांकी ने 10 मौतों के आंकड़ों का विश्लेषण किया और समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि भारतीय छात्रों की मौत की बढ़ती घटनाएं चिंताजनक और संदेहास्पद हैं। मामले को लेकर फाउंडेशन ने कहा कि, भारतीय छात्रों की मौत के कारणों में संदिग्ध गोलीबारी या अपहरण के अलावा मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या और हिंसक अपराध शामिल हैं। इसके अलावा छात्रों को हाइपोथर्मिया जैसी चीजों के बारे में भी पता नहीं होता है, जो उनकी मौत का एक कारण है।

पिछले ही  हफ्ते ओहायो में भारतीय छात्रा उमा सत्य साई गड्डे की भी मौत हो गई थी। पुलिस इसकी जांच कर रही है। पिछले महीने सेंट लुइस में 34 वर्षीय शास्त्रीय नर्तक अमरनाथ घोष की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

Link copied to clipboard!