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38वें राष्ट्रीय खेल समापन समारोह में पार्षदों की उपेक्षा पर नाराजगी

| February 13, 2025 | 1 year ago | 0 min read

नव निर्वाचित पार्षद प्रीति आर्या ने जताई गहरी नाराज

38वें राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह में पार्षदों को आमंत्रित न किए जाने पर नव निर्वाचित पार्षद प्रीति आर्या ने गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह पार्षदों का अपमान है। उन्होंने प्रशासन से इस पर गहराई से विचार करने की मांग की है।

जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा पर उठाए सवालप्रीति आर्या ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब शहर में इतने बड़े स्तर का आयोजन हो रहा है, तो जनप्रतिनिधियों को उसमें शामिल न करना अस्वीकार्य है। उन्होंने इसे जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर आघात बताया और कहा कि प्रशासन को ऐसे निर्णयों पर पुनर्विचार करना चाहिए।

युवा नेता हेमन्त साहू ने की प्रशासन की आलोचना

युवा नेता हेमन्त साहू ने भी इस मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शहर में आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि जनता तक सकारात्मक संदेश पहुंच सके।समारोह में पार्षदों की उपेक्षा पर आक्रोशसमारोह में जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा को लेकर अन्य पार्षदों और स्थानीय नेताओं में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

उनका कहना है कि जनप्रतिनिधि जनता की आवाज होते हैं और ऐसे आयोजनों में उनकी भागीदारी आवश्यक है।प्रशासन से की पुनर्विचार की मांगनव निर्वाचित पार्षद प्रीति आर्या और युवा नेता हेमन्त साहू ने प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का सम्मान बनाए रखने के लिए उन्हें ऐसे आयोजनों में शामिल किया जाना चाहिए।नगरवासियों में भी असंतोषइस घटना के बाद नगरवासियों में भी असंतोष व्याप्त है।

उनका मानना है कि उनके द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों को ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि उनकी उपस्थिति से जनता को भी गर्व महसूस हो।प्रशासन पर उठे सवाल38वें राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह में पार्षदों को आमंत्रित न करने के फैसले पर प्रशासन की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह निर्णय जनप्रतिनिधियों के महत्व को नजरअंदाज करने जैसा है।

आगे की रणनीति पर विचारइस पूरे प्रकरण के बाद अब नव निर्वाचित पार्षद प्रीति आर्या और युवा नेता हेमन्त साहू आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठाएंगे, ताकि भविष्य में जनप्रतिनिधियों की ऐसी उपेक्षा न हो।

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