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काठगोदाम में अवैध निर्माण पर कार्रवाई तेज, लेकिन पुराने सील होटल पर प्राधिकरण की ‘हमदर्दी’ पर उठे सवाल!

| July 29, 2025 | 8 months ago | 0 min read

इस दौरान नए निर्माणों को निशाना बनाया गया और कई ढाँचों को ध्वस्त किया गया। अधिकारियों का दावा है कि सभी कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब नए निर्माणों पर इतनी सख्ती की जा रही है तो पहले से सील किए गए भवनों पर इतनी ढिलाई क्यों बरती जा रही है?

रेलवे बाजार का सील होटल बना चर्चा का विषय2022 में रेलवे बाजार स्थित अनवर उल्लाह के होटल को प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के आरोप में सील किया था। यह कार्रवाई उस समय बड़ी चर्चा में रही। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि 2025 में उसी होटल को दोबारा सील किया गया। इसका सीधा मतलब है कि होटल मालिक ने बीच में सील तोड़कर निर्माण कार्य जारी रखा और प्राधिकरण को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह स्थिति प्राधिकरण की कार्यप्रणाली और सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

क्यों दिख रही है ‘हमदर्दी’ ?लोगों का कहना है कि प्राधिकरण एक तरफ नए निर्माणों पर बड़ी कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुराने मामलों में आश्चर्यजनक ढिलाई दिख रही है। अगर होटल मालिक ने सील तोड़ी और काम जारी रखा, तो इतने लंबे समय तक यह कैसे अनदेखा हो गया? क्या इसमें मिलीभगत की आशंका नहीं बनती? स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्राधिकरण कुछ खास लोगों के प्रति हमदर्दी दिखा रहा है, जबकि आम लोगों पर सख्त रवैया अपनाया जा रहा है।

प्राधिकरण की साख पर सवालइस पूरे मामले ने प्राधिकरण की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जनता अब पारदर्शी कार्रवाई की मांग कर रही है। अगर वास्तव में प्राधिकरण निष्पक्ष है, तो उसे यह स्पष्ट करना होगा कि रेलवे बाजार स्थित होटल पर कार्रवाई में इतनी देर क्यों हुई और बीच में होटल को कैसे संचालन की अनुमति मिली?

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