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निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का होगा सुरक्षा ऑडिट, 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

| June 24, 2026 | 11 hours ago | 1 min read

हल्द्वानी, 24 जून (I7 News)।

जनपद नैनीताल में संचालित निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने निजी स्कूलों एवं कोचिंग संस्थानों का संयुक्त निरीक्षण और व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश जारी किए हैं। इस अभियान के तहत अग्नि सुरक्षा, भवन की संरचनात्मक मजबूती, सीसीटीवी व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं समेत 19 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच की जाएगी।

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 4 जून 2026 को होटल, गेस्ट हाउस, होम-स्टे, मॉल, बैंक्वेट हॉल एवं अन्य सार्वजनिक उपयोग के भवनों के लिए गठित संयुक्त निरीक्षण समितियां अब अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले सभी निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों का भी सुरक्षा ऑडिट करेंगी।

विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

डीएम ललित मोहन रयाल ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में शैक्षणिक संस्थानों में आग लगने और अन्य दुर्घटनाओं की घटनाओं को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से व्यापक स्तर पर निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से पहले सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा सके।

इन बिंदुओं पर होगी विशेष जांच

संयुक्त निरीक्षण टीमों द्वारा संस्थानों के मान्यता प्रमाण पत्र, पंजीकरण और अनुमति संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके अलावा अग्निशमन विभाग से प्राप्त फायर एनओसी की वैधता और उसके अनुपालन का भी परीक्षण होगा।

निरीक्षण के दौरान फायर अलार्म, अग्निशामक यंत्र, स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर सिस्टम, हाइड्रेंट और आपातकालीन निकास व्यवस्था की कार्यशीलता को परखा जाएगा। भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, स्वीकृत क्षमता के मुकाबले छात्र संख्या, विद्युत वायरिंग, डीजी सेट, इन्वर्टर और अन्य संभावित अग्नि जोखिमों की भी समीक्षा की जाएगी।

कक्षाओं, गलियारों और सीढ़ियों की चौड़ाई, निकास मार्गों की स्थिति, छात्र-छात्राओं के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था तथा भीड़भाड़ की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा।

सीसीटीवी, छात्राओं की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर रहेगा विशेष फोकस

जिला प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि संस्थानों में सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता, प्रवेश और निकास नियंत्रण व्यवस्था, छात्राओं की सुरक्षा के लिए पृथक शौचालय, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और शिकायत निवारण प्रणाली की भी जांच की जाए।

इसके साथ ही संस्थानों में आपदा प्रबंधन योजना, निकासी मानचित्र (इवैक्यूएशन प्लान), आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली, नियमित मॉक ड्रिल और शिक्षकों व कर्मचारियों को अग्निशामक उपकरणों के प्रयोग का प्रशिक्षण दिए जाने की स्थिति का भी परीक्षण किया जाएगा।

स्वास्थ्य और स्वच्छता व्यवस्थाओं की भी होगी समीक्षा

प्राथमिक उपचार पेटी (फर्स्ट एड बॉक्स), चिकित्सकीय आपातकालीन सहायता, निकटतम स्वास्थ्य संस्थान से समन्वय, स्वच्छ पेयजल, शौचालयों की पर्याप्तता और साफ-सफाई की स्थिति भी निरीक्षण के दायरे में रहेगी। जहां विद्यालय वाहन संचालित किए जा रहे हैं, वहां परिवहन सुरक्षा मानकों का अनुपालन भी जांचा जाएगा।

अधिक छात्र संख्या वाले संस्थान प्राथमिकता में

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जिन निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में छात्र संख्या अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर निरीक्षण किया जाए। निरीक्षण के समय संबंधित संस्थानों को सभी आवश्यक दस्तावेज और अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे।

गंभीर अनियमितता मिलने पर होगी कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने के लिए संस्थानों को सुधारात्मक निर्देश दिए जाएंगे। वहीं, यदि कहीं गंभीर अनियमितताएं या जनसुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली परिस्थितियां पाई जाती हैं तो संबंधित अधिनियमों और नियमों के तहत विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने संयुक्त निरीक्षण समितियों को निर्देश दिए हैं कि सभी निरीक्षण कार्य पूर्ण करने के बाद 15 दिनों के भीतर विस्तृत संयुक्त रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि 4 जून 2026 को जारी आदेश की अन्य सभी शर्तें और प्रावधान यथावत प्रभावी रहेंगे तथा यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

— I7 News, Nainital

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